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Mahoba News: बच्चों को रोबोट और ड्रोन के उपयोग समझाए
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-उरवारा स्थित इसरो स्पेस लैब में स्कूली बच्चों को मिली रोचक जानकारियां
फोटो 20 एमएएचपी 14 परिचय-उच्च प्राथमिक विद्यालय उरवारा के बच्चों को जानकारी देते ट्रेनर शुभम यादव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर (महोबा)। महोबा के श्रीनगर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय उरवारा की अंतरिक्ष प्रयोगशाला में स्कूली बच्चों को रोबोट विज्ञान और ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान बच्चों ने बाधा टालने वाले रोबोट को देखा, जो खुद ही रास्ता बदल रहा था, जिससे वे आश्चर्यचकित रह गए।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने जिले के 40 परिषदीय स्कूलों में इसरो से संबद्ध ग्राम अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं स्थापित कराई हैं। व्योमिका फाउंडेशन के सहयोग से इन प्रयोगशालाओं में बच्चों को रोबोट, ड्रोन और सौर प्रणाली की तकनीकी जानकारियां दी जा रही हैं। प्रशिक्षक शुभम यादव ने उरवारा के विद्यालय में यह प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बच्चों को संवेदक, सूक्ष्म नियंत्रक, मोटर, जम्पर तार और मोटर चालक जैसे रोबोट के मुख्य भागों के कार्य व उपयोग समझाए। बच्चों को ड्रोन प्रौद्योगिकी की मूलभूत जानकारी, उसके घटकों और उपयोगों के बारे में भी बताया गया। प्रायोगिक गतिविधियों में विभिन्न रोबोटिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया और बच्चों ने ड्रोन उड़ाने का अभ्यास भी किया। प्रशिक्षक ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रोबोट विज्ञान और ड्रोन प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक जानकारी देना है। इसका लक्ष्य उन्हें तकनीकी आधारित गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करना भी है।
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फोटो 20 एमएएचपी 14 परिचय-उच्च प्राथमिक विद्यालय उरवारा के बच्चों को जानकारी देते ट्रेनर शुभम यादव। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर (महोबा)। महोबा के श्रीनगर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय उरवारा की अंतरिक्ष प्रयोगशाला में स्कूली बच्चों को रोबोट विज्ञान और ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान बच्चों ने बाधा टालने वाले रोबोट को देखा, जो खुद ही रास्ता बदल रहा था, जिससे वे आश्चर्यचकित रह गए।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने जिले के 40 परिषदीय स्कूलों में इसरो से संबद्ध ग्राम अंतरिक्ष प्रयोगशालाएं स्थापित कराई हैं। व्योमिका फाउंडेशन के सहयोग से इन प्रयोगशालाओं में बच्चों को रोबोट, ड्रोन और सौर प्रणाली की तकनीकी जानकारियां दी जा रही हैं। प्रशिक्षक शुभम यादव ने उरवारा के विद्यालय में यह प्रशिक्षण दिया।
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उन्होंने बच्चों को संवेदक, सूक्ष्म नियंत्रक, मोटर, जम्पर तार और मोटर चालक जैसे रोबोट के मुख्य भागों के कार्य व उपयोग समझाए। बच्चों को ड्रोन प्रौद्योगिकी की मूलभूत जानकारी, उसके घटकों और उपयोगों के बारे में भी बताया गया। प्रायोगिक गतिविधियों में विभिन्न रोबोटिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया और बच्चों ने ड्रोन उड़ाने का अभ्यास भी किया। प्रशिक्षक ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रोबोट विज्ञान और ड्रोन प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक जानकारी देना है। इसका लक्ष्य उन्हें तकनीकी आधारित गतिविधियों के प्रति प्रोत्साहित करना भी है।
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