उन्नाव धीरेंद्र हत्याकांड: आज होनी थी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी, उससे पहले उजड़ गया सुहाग
Unnao News: फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव निवासी और महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की लखनऊ में अपहरण के बाद हत्या की घटना से पैतृक गांव में मातम पसरा है।
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रविवार को शव मिलने की जानकारी के बाद परिवार में कोहराम मच गया। धीरेंद्र की गर्भवती पत्नी ममता सिंह समेत पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धीरेंद्र करीब 20 साल से पत्नी ममता के साथ लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में रह रहे थे। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। पिता कौशल किशोर सिंह किसान हैं और गांव में ही रहते हैं। परिजनों के अनुसार, ममता की डिलीवरी की तारीख डॉक्टर ने इसी दिन की दी थी। पति की हत्या की खबर से वह सदमे में हैं।
भाई अवधेश प्रताप सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह और बहन शुभा सिंह भी घटना से बेहाल हैं। धीरेंद्र की मौत की जानकारी के बाद बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण सिंह, हरदोई की पूर्व सांसद अंजू बाला, उनके पति सतीश वर्मा समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग राजेपुर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
सीएम को लिखा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल
बताया जा रहा है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के करीबी रहे थे। हालांकि सेंगर के करीबी लोगों का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के निवासी होने के कारण उनका उनसे मिलना-जुलना था। वहीं, बांगरमऊ तहसील क्षेत्र की एक जमीन को लेकर विवाद की चर्चा भी सामने आ रही है।
धीरेंद्र का मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने एक कीमती जमीन पर कब्जे और प्लॉटिंग कर उसे बेचे जाने की शिकायत किए जाने का दावा किया है। हालांकि इस पत्र और जमीन विवाद का हत्या से क्या संबंध है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो गनर मिलने के बाद भी अपहरण कर हत्या
परिजनों के अनुसार, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के जेल जाने और सजा होने के बाद धीरेंद्र ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी। बताया गया कि अधिकारियों से नजदीकी और सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण वर्ष 2021 में शासन की स्वीकृति से उन्हें दो गनर भी मिले थे।
दो सुरक्षा कर्मी मिलने के बावजूद अपहरण के बाद हत्या की घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि इस पहलू की भी जांच कराई जा रही है। लखनऊ पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कार और चालक को पकड़ा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही वारदात की वजह और पूरी साजिश सामने आने की उम्मीद है।
एसटीएफ ने कई लोगों से की पूछताछ
हत्या की घटना के खुलासे में जुटी लखनऊ एसटीएफ ने रविवार रात बांगरमऊ से कई लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनमें एक प्रॉपर्टी डीलर के शामिल होने की भी चर्चा है। जांच एजेंसियां जमीन विवाद समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि धीरेंद्र को चालक के जरिए किसी तय स्थान पर बुलाया गया हो और उसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।