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Jhansi: शादी करने के बाद गुजराती युवक से 1.50 लाख ठगकर भागी दुल्हन, दूल्हे ने दर्ज कराया मुकदमा
Sat, 22 Aug 2026 01:30 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:30 PM IST
छानबीन में मालूम चला कि इस तरह के गिरोह पहले से भी कई बार ठगी को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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थाना सीपरी बाजार, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुजरात से आए युवक से शादी रचाने के बाद उससे करीब 1.30 लाख रुपये ठगकर दुल्हन अपने परिजनों के साथ लापता हो गई। ठगी का अहसास होने पर युवक सीपरी बाजार थाने जा पहुंचा। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुल्हन समेत उसकी बहन और जीजा के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। छानबीन में मालूम चला कि इस तरह के गिरोह पहले से भी कई बार ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
गुजरात के मोरबी इलाका निवासी राकेश भाई निमावत ने पुलिस को बताया कि एक एजेंट के जरिये उसकी मोबाइल फोन से शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के दिनारा मोहल्ला निवासी देवराज शर्मा से बातचीत हुई। देवराज ने उसकी शादी कराने का भरोसा दिलाया। देवराज ने मोबाइल पर अपनी साली सलोनी की तस्वीर भेजी। सलोनी के पसंद आने पर शादी के बहाने उसे झांसी बुलाया। 17 अगस्त को राकेश रिश्तेदारों के साथ झांसी आ गया। देवराज और उसकी पत्नी शिखा स्टेशन से राकेश को अपने साथ लेकर गए। शादी कराने के लिए उसे दुल्हा बनाकर दिनारा ले गए। एक मंदिर में गांव वालों की मौजूदगी में शादी कराई गई। दावत में भी उससे पैसा खर्च कराया गया। इसके बाद सभी लोग झांसी आ गए।
शादी कराने के एवज में सलोनी की मौजूदगी में देवराज ने 1.30 लाख रुपये ले लिए। देर शाम आरोपी उसे लेकर चित्रा चौराहा पहुंचे। यहां रस्म पूरी कराने के बहाने सलोनी अपने जीजा देवराज और बहन शिखा के साथ गायब हो गई। राकेश अपनी बहन के साथ चित्रा चौराहे पर उनका इंतजार करता रहा, लेकिन काफी देर तक तीनों लौटे नहीं। देवराज को फोन करने पर मोबाइल बंद मिला। दिनारा पहुंचकर पता लगाने पर वहां भी कोई देवराज और सलोनी के बारे में नहीं बता सका। छानबीन करने पर मालूम चला कि गिरोह के लोग इस तरह से ठगी कर रहे हैं। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के मुताबिक तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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शादी के नाम पर झांसी में ‘दुल्हन का कारोबार’
शादी की चाहत और अकेलेपन को जालसाजों ने कमाई का जरिया बना लिया है। झांसी में भी शादी कराने के नाम पर ठगी करने वालों के कई गिरोह सक्रिय हैं। पिछले चार महीनों में सीपरी बाजार एवं नवाबाद इलाके में ऐसे दो बड़े गिरोह का भंडाफोड़ भी हो चुका है। कई गिरोह अब भी सक्रिय हैं। अप्रैल में सीपरी बाजार के सरयू विहार में पकड़े गए फर्जी मैरिज ब्यूरो से पुलिस को 29 रजिस्टर मिले थे। इनमें 610 लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। शादी के इच्छुक लोगों से 499 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पूरे देश में लोगों को यह गिरोह निशाना बनाता था। नवाबाद इलाके में भी पिछले माह ऐसा ही खेल उजागर हुआ था। यहां सिविल लाइंस इलाके में चल रहे फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मास्टर माइंड समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया था। यहां से भी पुलिस को शादी संबंधी रजिस्टर और फोटो एलबम मिले थे। शादी कराने का भरोसा देकर लोगों से रकम ऐंठी जाती थी। शादी करने के बाद युवतियां जेवर एवं नकदी लेकर गायब हो जाती थीं। नेटवर्क की जांच में यह बात भी सामने आई थी गिरोह के तार झांसी, ललितपुर, उरई और ग्वालियर तक जुड़े थे।
किराये के मकान में चल रहे ‘मैरिज ब्यूरो’
शादी के नाम पर ठगी करने वालों का गिरोह संगठित तरीके से चल रहा है। सीपरी बाजार में पकड़े गए मैरिज ब्यूरो संचालकों ने जीएसटी नंबर तक ले रखे थे। हालांकि, ये सभी मैरिज ब्यूरो किराये के मकानों में ही चलते पाए गए। नवाबाद में भी पकड़ा गया मैरिज ब्यूरो किराये के कमरे में चल रहा था। मई महीने में रक्सा क्षेत्र में शादी के 20 दिन बाद एक महिला लाखों की खरीदारी, नकदी और जेवर लेकर पति को छोड़कर चली गई थी। शादी कराने वालों ने भी इसके एवज में करीब एक लाख रुपये लिए थे।
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गुजरात के मोरबी इलाका निवासी राकेश भाई निमावत ने पुलिस को बताया कि एक एजेंट के जरिये उसकी मोबाइल फोन से शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के दिनारा मोहल्ला निवासी देवराज शर्मा से बातचीत हुई। देवराज ने उसकी शादी कराने का भरोसा दिलाया। देवराज ने मोबाइल पर अपनी साली सलोनी की तस्वीर भेजी। सलोनी के पसंद आने पर शादी के बहाने उसे झांसी बुलाया। 17 अगस्त को राकेश रिश्तेदारों के साथ झांसी आ गया। देवराज और उसकी पत्नी शिखा स्टेशन से राकेश को अपने साथ लेकर गए। शादी कराने के लिए उसे दुल्हा बनाकर दिनारा ले गए। एक मंदिर में गांव वालों की मौजूदगी में शादी कराई गई। दावत में भी उससे पैसा खर्च कराया गया। इसके बाद सभी लोग झांसी आ गए।
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शादी कराने के एवज में सलोनी की मौजूदगी में देवराज ने 1.30 लाख रुपये ले लिए। देर शाम आरोपी उसे लेकर चित्रा चौराहा पहुंचे। यहां रस्म पूरी कराने के बहाने सलोनी अपने जीजा देवराज और बहन शिखा के साथ गायब हो गई। राकेश अपनी बहन के साथ चित्रा चौराहे पर उनका इंतजार करता रहा, लेकिन काफी देर तक तीनों लौटे नहीं। देवराज को फोन करने पर मोबाइल बंद मिला। दिनारा पहुंचकर पता लगाने पर वहां भी कोई देवराज और सलोनी के बारे में नहीं बता सका। छानबीन करने पर मालूम चला कि गिरोह के लोग इस तरह से ठगी कर रहे हैं। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के मुताबिक तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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शादी के नाम पर झांसी में ‘दुल्हन का कारोबार’
शादी की चाहत और अकेलेपन को जालसाजों ने कमाई का जरिया बना लिया है। झांसी में भी शादी कराने के नाम पर ठगी करने वालों के कई गिरोह सक्रिय हैं। पिछले चार महीनों में सीपरी बाजार एवं नवाबाद इलाके में ऐसे दो बड़े गिरोह का भंडाफोड़ भी हो चुका है। कई गिरोह अब भी सक्रिय हैं। अप्रैल में सीपरी बाजार के सरयू विहार में पकड़े गए फर्जी मैरिज ब्यूरो से पुलिस को 29 रजिस्टर मिले थे। इनमें 610 लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। शादी के इच्छुक लोगों से 499 रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पूरे देश में लोगों को यह गिरोह निशाना बनाता था। नवाबाद इलाके में भी पिछले माह ऐसा ही खेल उजागर हुआ था। यहां सिविल लाइंस इलाके में चल रहे फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मास्टर माइंड समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया था। यहां से भी पुलिस को शादी संबंधी रजिस्टर और फोटो एलबम मिले थे। शादी कराने का भरोसा देकर लोगों से रकम ऐंठी जाती थी। शादी करने के बाद युवतियां जेवर एवं नकदी लेकर गायब हो जाती थीं। नेटवर्क की जांच में यह बात भी सामने आई थी गिरोह के तार झांसी, ललितपुर, उरई और ग्वालियर तक जुड़े थे।
किराये के मकान में चल रहे ‘मैरिज ब्यूरो’
शादी के नाम पर ठगी करने वालों का गिरोह संगठित तरीके से चल रहा है। सीपरी बाजार में पकड़े गए मैरिज ब्यूरो संचालकों ने जीएसटी नंबर तक ले रखे थे। हालांकि, ये सभी मैरिज ब्यूरो किराये के मकानों में ही चलते पाए गए। नवाबाद में भी पकड़ा गया मैरिज ब्यूरो किराये के कमरे में चल रहा था। मई महीने में रक्सा क्षेत्र में शादी के 20 दिन बाद एक महिला लाखों की खरीदारी, नकदी और जेवर लेकर पति को छोड़कर चली गई थी। शादी कराने वालों ने भी इसके एवज में करीब एक लाख रुपये लिए थे।