हाथरस: टिकैत पहुंचे सादाबाद, अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, सरकार से की आयोग या कमेटी बनाने की मांग
टिकैत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी किसानों के मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद आलू किसानों की समस्या को विधानसभा और संसद में उठाएं।
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आलू की गिरती कीमतों और किसानों की समस्याओं पर सादाबाद तहसील परिसर में चल रहा भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के अनिश्चितकालीन धरने पर बृहस्पतिवार को संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे। टिकैत ने कहा कि आलू पैदा करने वाले किसानों को लागत तक नहीं मिल रही। सरकार को इसके लिए आयोग या कमेटी का गठन करना चाहिए।
टिकैत ने कहा कि अब अनिश्चितकालीन धरने को स्थगित कर बड़ी पंचायत आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके बाद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उनके संबोधन के बाद तहसील परिसर में 25 दिन से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया गया।
टिकैत ने कहा कि आलू को लेकर किसानों में बड़े स्तर पर राहत की मांग है। इस वर्ष आलू का उत्पादन अधिक होने के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आलू की समस्या केवल सादाबाद या हाथरस तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में किसान इस संकट से जूझ रहा है। सरकार को तत्काल इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए किसानों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष आलू की बुवाई बढ़ाने के बजाय किसानों को फसल चक्र अपनाना चाहिए। इस बार आलू की बुवाई में करीब 30 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है। सरकार और किसानों दोनों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि हर कुछ वर्षों में आलू किसान बर्बादी के कगार पर खड़ा न हो।
अगले साल तक बने आलू कमेटी या आयोग
भाकियू प्रवक्ता ने सरकार से मांग की कि आलू और सब्जियों की समस्या के समाधान के लिए अगले साल तक एक विशेष कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी प्रदेश में आलू और सब्जियों की बुवाई से लेकर उत्पादन, खपत, भंडारण और बाजार भाव तक का पूरा डाटा तैयार करे।
गुड़-चीनी की तरह आलू के भी दाम बढ़ें
उन्होंने कहा कि जिस तरह चीनी और गुड़ के दाम तय करने की व्यवस्था और बाजार पर चर्चा होती है, उसी तरह आलू के उचित रेट के लिए भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए। किसान को उसकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।
विधायक-सांसद उठाएं आलू किसानों की आवाज
टिकैत ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी किसानों के मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद आलू किसानों की समस्या को विधानसभा और संसद में उठाएं।
ये रहे मौजूद
संचालन मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, प्रदेश महासचिव विमल तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मलिखान सिंह, अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष रनवीर यादव, चौ. सत्यवीर सिकरवार, विक्रम सिंह वर्मा, मंगलेश यादव, देवेंद्र सिंह यादव, श्रीराम चौधरी, बनी सिंह पहलवान आदि अनेक किसान नेता मौजूद थे।
टिकैत के आगमन पर रही सतर्कता
टिकैत के आगमन पर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। तहसील परिसर और आसपास के मार्गों से लेकर रोडवेज बस स्टैंड तथा प्रमुख चौराहों और तिराहों तक पुलिसकर्मियों और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। तहसील परिसर और आसपास के इलाकों में अधिकारियों ने पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।