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Hapur News: बाढ़ के पानी से पुलिया डूबीं, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी

Sat, 22 Aug 2026 03:09 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़ Published by: Vijay Singh Pundir Updated Sat, 22 Aug 2026 03:09 PM IST
सार
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गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कुदैनी की मढैया और आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में दिक्कत हो रही है।

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Villagers in the Garhmukteshwar area of Hapur distressed by floodwaters
Hapur News - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा का जलस्तर 198.82 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 199.33 मीटर से महज 51 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने के कारण कुदैनी की मढ़ैया, कठपूला और चकलठीरा की पुलिया गंगा के पानी में डूब गई हैं। वहीं मेला मार्ग तक भी पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कुदैनी की मढैया और आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कठपूला और चकलठीरा की पुलिया जलमग्न होने से इन रास्तों से गुजरने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। स्कूली बच्चों को भी पानी के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो खादर के अन्य क्षेत्रों में भी पानी पहुंच सकता है।
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मेला मार्ग तक पहुंचा गंगा का पानी
गंगा का पानी मेला मार्ग तक पहुंचने के बाद इस क्षेत्र में भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा का खतरे का निशान 199.33 मीटर है, जबकि 199.99 मीटर जलस्तर पहुंचने पर बाढ़ की स्थिति मानी जाएगी। ऐसे में मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से अभी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर प्रशासन और ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

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