{"_id":"6a8748a9a3bffee5b708bf5a","slug":"a-team-from-delhi-conducted-a-core-cut-test-on-the-lar-parasi-chaklal-road-deoria-news-c-208-1-deo1016-189706-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: लार-परासी-चकलाल मार्ग का दिल्ली से पहुंची टीम ने कराया कोर कट टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: लार-परासी-चकलाल मार्ग का दिल्ली से पहुंची टीम ने कराया कोर कट टेस्ट
Fri, 21 Aug 2026 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:04 AM IST
विज्ञापन
लार परासी चकलाल मार्ग का कोर कट टेस्ट करती टीम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लार। सलेमपुर के सपा सांसद रमाशंकर राजभर के लार-परासी-चकलाल मार्ग पर बिना निर्माण कार्य पूरा हुए कार्य पूर्ण होने का बोर्ड लगने का मामला सदन में उठाने के बाद मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली से पहुंची राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनिटर (एनक्यूएम) की टीम पहुंची। टीम ने सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए मशीन से कोर कट और रिबाउंड हैमर टेस्ट कराया। सड़क के अंदर से निकाले गए नमूनों को एकत्र कर जांच के लिए लैब भेज दिया गया। टीम ने करीब तीन घंटे तक सड़क के एक से दूसरे छोर तक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और रिपोर्ट तैयार की।
जांच के बाद टीम दिल्ली लौटकर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को सौंपेगी। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर आगे की कार्रवाई मंत्रालय स्तर से तय की जाएगी। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रोपन छपरा-परासी-चकलाल मार्ग की लंबाई 5.684 किमी है। परियोजना की स्वीकृत लागत 52.58 लाख रुपये बताई गई है।
कार्य शुरू करने की तिथि छह जून 2023 और पूरा करने की निर्धारित तिथि पांच जून 2024 थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई दिनों तक धरना भी दिया गया मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद लोगों ने मामले की शिकायत सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर से की। सांसद ने चार अगस्त को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में मामला उठाते हुए सवाल किया कि जब सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो कार्य पूर्ण होने का बोर्ड कैसे लगा दिया गया। इसके बाद सरकार ने जांच के लिए टीम गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार की दोपहर राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनिटर संजीव गुप्ता और जावीद इकबाल तारा के नेतृत्व में टीम लार-परासी-चकलाल मार्ग की जांच करने पहुंची। अधिकारियों को देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग करने लगे।अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद एक्सरहां गांव के सामने आधुनिक मशीन से सड़क का कोर कट टेस्ट किया गया। सड़क के अंदर से निकले मलबे के नमूने एकत्र किए गए।
एफडीआर विधि से बनी करीब 200 मीटर सड़क पर रिबाउंड हैमर टेस्ट कर मजबूती की जांच की गई। रोपन छपरा से परासी और रतनपुरा तक तीन एफडीआर तथा तीन सीसी रोड की भी टेस्टिंग की गई। टीम ने स्थानीय लोगों से सड़क की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
एनक्यूएम टीम के संजीव गुप्ता और जावीद इकबाल तारा ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए टीम पहुंची थी। मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। निर्माण कार्य की गोपनीय जांच रिपोर्ट दिल्ली पहुंचने के बाद भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
...
इनसेट
अधिकारी बोले-कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि का बोर्ड लगाया जाता है
सड़क निर्माण पूरा हुए बिना कार्य पूर्ण होने का बोर्ड लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर कार्य प्रारंभ करने और पूरा करने की तिथि दर्शाने वाला बोर्ड लगाया जाता है। कार्य में कुछ आगे-पीछे होना संभव है। अधिकारियों ने बोर्ड लगाए जाने को गलत नहीं बताया। हालांकि, सांसद ने भी लोकसभा में सड़क का कार्य पूरा हुए बिना उसे पूर्ण दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाने का ही मामला उठाया था।
विज्ञापन
जांच के बाद टीम दिल्ली लौटकर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को सौंपेगी। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर आगे की कार्रवाई मंत्रालय स्तर से तय की जाएगी। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रोपन छपरा-परासी-चकलाल मार्ग की लंबाई 5.684 किमी है। परियोजना की स्वीकृत लागत 52.58 लाख रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
कार्य शुरू करने की तिथि छह जून 2023 और पूरा करने की निर्धारित तिथि पांच जून 2024 थी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई दिनों तक धरना भी दिया गया मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
इसके बाद लोगों ने मामले की शिकायत सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर से की। सांसद ने चार अगस्त को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में मामला उठाते हुए सवाल किया कि जब सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो कार्य पूर्ण होने का बोर्ड कैसे लगा दिया गया। इसके बाद सरकार ने जांच के लिए टीम गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार की दोपहर राष्ट्रीय गुणवत्ता मॉनिटर संजीव गुप्ता और जावीद इकबाल तारा के नेतृत्व में टीम लार-परासी-चकलाल मार्ग की जांच करने पहुंची। अधिकारियों को देखकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग करने लगे।अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद एक्सरहां गांव के सामने आधुनिक मशीन से सड़क का कोर कट टेस्ट किया गया। सड़क के अंदर से निकले मलबे के नमूने एकत्र किए गए।
एफडीआर विधि से बनी करीब 200 मीटर सड़क पर रिबाउंड हैमर टेस्ट कर मजबूती की जांच की गई। रोपन छपरा से परासी और रतनपुरा तक तीन एफडीआर तथा तीन सीसी रोड की भी टेस्टिंग की गई। टीम ने स्थानीय लोगों से सड़क की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
एनक्यूएम टीम के संजीव गुप्ता और जावीद इकबाल तारा ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए टीम पहुंची थी। मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। निर्माण कार्य की गोपनीय जांच रिपोर्ट दिल्ली पहुंचने के बाद भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
...
इनसेट
अधिकारी बोले-कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि का बोर्ड लगाया जाता है
सड़क निर्माण पूरा हुए बिना कार्य पूर्ण होने का बोर्ड लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर कार्य प्रारंभ करने और पूरा करने की तिथि दर्शाने वाला बोर्ड लगाया जाता है। कार्य में कुछ आगे-पीछे होना संभव है। अधिकारियों ने बोर्ड लगाए जाने को गलत नहीं बताया। हालांकि, सांसद ने भी लोकसभा में सड़क का कार्य पूरा हुए बिना उसे पूर्ण दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाने का ही मामला उठाया था।