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Bulandshahar News: रिफाइंड मिलाकर तैयार किया 200 किग्रा पनीर, एसएमपी का 1500 लीटर दूध नष्ट कराया
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खुर्जा के डाबर गांव स्थित डेरी पर जांच करने पहुंची खाद्य विभाग की टीम। संवाद
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खुर्जा। तहसील क्षेत्र के डाबर गांव में गणेश डेयरी पर बृहस्पतिवार दोपहर को खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से छापा मारा गया। यहां टीम की ओर से रिफाइंड से तैयार मिलावटी 200 किलोग्राम पनीर और एसएमपी से तैयार 1500 लीटर दूध मिला। साथ ही तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की सहायक आयुक्त ममता चौधरी ने बताया कि सूचना मिली थी कि खुर्जा तहसील क्षेत्र के डाबर गांव में मिलावटी पनीर बनाया जा रहा था। ऐसे में विभाग की टीम की ओर से बृहस्पतिवार दोपहर श्री गणेश डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स पर निरीक्षण किया गया। जहां पर मिलावट के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कीम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) से दूध तैयार किया जा रहा था और इसके बाद रिफाइंड का मिश्रण कर पनीर तैयार हो रहा था। हालांकि मौके पर रिफाइंड के टीन या ड्रम नहीं मिले हैं। आशंका है कि डेयरी संचालक रिफाइंड के पैकेट इस्तेमाल करते हों, जो उनकी ओर से पहले ही हटा दिए गए थे।
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डेयरी में गंदगी और अनियमितता भी पाई गई, जिसको लेकर संचालक को नोटिस जारी किया गया। इसलिए जांच के तौर पर दूध व पनीर के तीन नमूने लिए गए, जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा मौके पर मौजूद करीब 200 किलोग्राम पनीर और 1500 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जांच कार्रवाई तक डेयरी में उत्पादन कार्य पर रोक लगा दी गई है।
विभाग की कार्रवाई के दौरान अन्य पनीर और दूध विक्रेता अपनी-अपनी दुकान बंद कर फरार हो गए। वहीं, सहायक आयुक्त का कहना है कि आगामी रक्षा बंधन त्योहार को लेकर मिलावटी उत्पादन को लेकर विशेष कार्रवाई की जा रही है। संभव है कि डेयरी संचालक भी रक्षा बंधन को लेकर आसपास की दुकानों पर मिलावटी पनीर व दूध भिजवा रहे थे। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वह मिलावटी खाद्य पदार्थों का खरीदने से बचें और विभाग की ओर से निरंतर कार्रवाई की जाएगी।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की सहायक आयुक्त ममता चौधरी ने बताया कि सूचना मिली थी कि खुर्जा तहसील क्षेत्र के डाबर गांव में मिलावटी पनीर बनाया जा रहा था। ऐसे में विभाग की टीम की ओर से बृहस्पतिवार दोपहर श्री गणेश डेयरी एंड मिल्क प्रोडक्ट्स पर निरीक्षण किया गया। जहां पर मिलावट के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कीम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) से दूध तैयार किया जा रहा था और इसके बाद रिफाइंड का मिश्रण कर पनीर तैयार हो रहा था। हालांकि मौके पर रिफाइंड के टीन या ड्रम नहीं मिले हैं। आशंका है कि डेयरी संचालक रिफाइंड के पैकेट इस्तेमाल करते हों, जो उनकी ओर से पहले ही हटा दिए गए थे।
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डेयरी में गंदगी और अनियमितता भी पाई गई, जिसको लेकर संचालक को नोटिस जारी किया गया। इसलिए जांच के तौर पर दूध व पनीर के तीन नमूने लिए गए, जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा मौके पर मौजूद करीब 200 किलोग्राम पनीर और 1500 लीटर दूध नष्ट कराया गया। जांच कार्रवाई तक डेयरी में उत्पादन कार्य पर रोक लगा दी गई है।
विभाग की कार्रवाई के दौरान अन्य पनीर और दूध विक्रेता अपनी-अपनी दुकान बंद कर फरार हो गए। वहीं, सहायक आयुक्त का कहना है कि आगामी रक्षा बंधन त्योहार को लेकर मिलावटी उत्पादन को लेकर विशेष कार्रवाई की जा रही है। संभव है कि डेयरी संचालक भी रक्षा बंधन को लेकर आसपास की दुकानों पर मिलावटी पनीर व दूध भिजवा रहे थे। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वह मिलावटी खाद्य पदार्थों का खरीदने से बचें और विभाग की ओर से निरंतर कार्रवाई की जाएगी।