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Bijnor News: बिना अनुमति रक्तदान शिविर लगाने का खेल, जिम्मेदार बेखबर

Fri, 21 Aug 2026 01:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 01:33 AM IST
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The practice of organizing blood donation camps without permission continues, while those responsible remain unaware.
- नियमों की अनदेखी कर जिले में धड़ल्ले से लगाए जा रहे हैं रक्तदान शिविर
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नंबर गेम
- आठ माह से किसी रक्त केंद्र द्वारा शिविर लगाने की अनुमति नहीं लेने का दावा
- 18 रक्त केंद्र जिले में हो रहे हैं संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नियम है कि निजी रक्त केंद्रों को रक्तदान शिविर लगाने से पहले सीएमओ कार्यालय से अनुमति लेनी अनिवार्य है। मगर जिले में पिछले आठ माह से किसी भी निजी रक्त केंद्र संचालक ने शिविर लगाने की अनुमति नहीं ली। बिना अनुमति ही शिविर लगाकर रक्तदान कराया गया। जिले में नियमों को ताक पर रखकर शिविर लगाए जा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेखबर हैं।

जिले में 18 रक्त केंद्र संचालित हो रहे हैं। किसी भी रक्त केंद्र को रक्तदान शिविर लगाने से पहले एसबीटीसी (स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल) पर आवेदन करना होता है। इसके बाद शिविर लगाने के लिए सीएमओ कार्यालय से अनुमति लेनी होती है। मगर, जिले में बिना अनुमति ही शिविर लगाने का खेल चल रहा है। तीन दिसंबर 2025 को पुलकित मेमोरियल हॉस्पिटल रक्त केंद्र ने शिविर लगाने की अनुमति ली थी। इसके बाद अभी तक किसी ने अनुमति नहीं ली। ऐसे में रक्त का दुरुपयोग होने की भी संभावना रहती है। सूत्रों की मानें तो कुछ निजी रक्त केंद्र जरूरतमंदों को नियम से अधिक दाम में रक्त देते हैं। इससे आम आदमी की जेब भी ढीली हो रही है।
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-- बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र ने 10 माह पहले ली थी शिविर की अनुमति
बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र ने आखिरी बार 10 माह पहले छह अक्तूबर 2025 को रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति ली थी। इसके बाद रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति नहीं ली गई। जबकि, जांच के दौरान इस केंद्र में 58 यूनिट रक्त पाया गया। इससे साफ जाहिर है कि रक्त केंद्र द्वारा बिना अनुमति दूसरी जगह रक्तदान शिविर भी लगाए गए हैं।
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-- साल में दो शिविर लगाने के लिए नहीं होती अनुमति की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक साल में निजी रक्त केंद्र बिना अनुमति दो शिविर लगा सकते हैं। इसके अलावा अगर, तीसरा शिविर लगाया जाता है तो सीएमओ कार्यालय से अनुमति लेनी अनिवार्य है।
-- कुछ रक्त केंद्र बरत रहे लापरवाही, जिम्मेदार मौन
जिले में कुछ रक्त केंद्र लापरवाही बरत रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले दो दिनों में औषधि निरीक्षक ने बिजनौर चैरिटेबल रक्त केंद्र और आयुष्मान रक्त केंद्र की जांच की। जांच में अनियमितता पाए जाने पर इन रक्त केंद्रों के लेन-देन पर रोक लगा दी है। यही हाल कुछ अन्य रक्त केंद्रों का भी है। इससे पहले करीब 10 रक्त केंद्रों के लाइसेंस कुछ दिनों के लिए निलंबित भी किए गए थे। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।

-- वर्जन :
निजी रक्त केंद्र साल में दो बार ही बिना अनुमति रक्तदान शिविर लगा सकते हैं। ज्यादा शिविर लगाने के लिए एसबीटीसी के अलावा सीएमओ कार्यालय से अनुमति लेनी जरूरी है। बिना अनुमति शिविर लगाना नियम विरुद्ध है। बिना अनुमति शिविर लगाने वाले रक्त केंद्रों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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