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Basti News: बासी खाना और दूषित पानी बिगाड़ रहा हाजमा, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती मरीज
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बस्ती। उमस और चिलचिलाती गर्मी के बीच जिले में उल्टी-दस्त और पेट संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दूषित पानी, बासी भोजन और खुले में रखे कटे फलों के सेवन से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 15 से 20 मरीजों को हालत के अनुसार भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिसिन और चिल्ड्रेन वार्ड पर भी दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में नमी और तापमान के कारण पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है। दूषित पानी के सेवन से पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, ऐंठन और दर्द की शिकायत हो सकती है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में तेज पेट दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी और दस्त की शिकायत प्रमुख रूप से मिल रही है। बुखार और कमजोरी भी शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं। एहतियात के तौर पर मरीजों की टाइफाइड और पीलिया की शुरुआती जांच भी कराई जा रही है। अभी किसी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है।
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उन्होंने बताया कि बासी भोजन और काफी देर से कटे हुए रखे फलों के सेवन से भी पेट संबंधी संक्रमण का खतरा रहता है। लोगों को ताजा भोजन और फल खाने के साथ साफ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। पानी को उबालकर या शुद्ध करने के बाद ही पीना बेहतर है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1167 मरीजों को परामर्श दिया गया। इनमें अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के रहे। चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बेड के सापेक्ष 28 बच्चे भर्ती थे, जबकि पीआईसीयू के 10 बेड पर 12 बच्चे भर्ती थे।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 15 से 20 मरीजों को हालत के अनुसार भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिसिन और चिल्ड्रेन वार्ड पर भी दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में नमी और तापमान के कारण पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है। दूषित पानी के सेवन से पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, ऐंठन और दर्द की शिकायत हो सकती है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में बच्चों व बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
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फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में तेज पेट दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी और दस्त की शिकायत प्रमुख रूप से मिल रही है। बुखार और कमजोरी भी शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं। एहतियात के तौर पर मरीजों की टाइफाइड और पीलिया की शुरुआती जांच भी कराई जा रही है। अभी किसी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है।
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उन्होंने बताया कि बासी भोजन और काफी देर से कटे हुए रखे फलों के सेवन से भी पेट संबंधी संक्रमण का खतरा रहता है। लोगों को ताजा भोजन और फल खाने के साथ साफ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। पानी को उबालकर या शुद्ध करने के बाद ही पीना बेहतर है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1167 मरीजों को परामर्श दिया गया। इनमें अधिकांश मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग के रहे। चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बेड के सापेक्ष 28 बच्चे भर्ती थे, जबकि पीआईसीयू के 10 बेड पर 12 बच्चे भर्ती थे।