बरेली: स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की दरारों से झांक रहा स्मार्ट सिटी का भ्रष्टाचार, दो साल में ही चटक गईं दीवार
बरेली में साल 2024 में मुख्यमंत्री योगी ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया था। दो साल में ही इसकी दीवारें चटकने लगीं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्पोर्ट्स स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों की सहूलियत के लिए नवंबर 2021 में 10.18 करोड़ की लागत से आधुनिक एयर कंडीशंड इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू हुआ। 10 जनवरी 2024 में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन किया था।
इस कॉम्प्लेक्स को मिश्रीलाल एसोसिएट्स ने 1431.88 वर्गमीटर में बनाया है। उद्घाटन के बाद कॉम्प्लेक्स में कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी हैं। वर्तमान में इसका संचालन डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन बरेली कर रहा है।
उद्घाटन के दो वर्ष बाद ही कॉम्प्लेक्स की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। पीछे की ओर बने पिलर में बड़ी दरारें आ गई हैं। इसमें से आर-पार देखा जा सकता है। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
खिलाड़ियों की सुरक्षा पर भी सवाल
कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कुश्ती और बॉक्सिंग जैसे कई खेलों के लिए आधुनिक कोर्ट बनाए गए हैं। यहां पर प्रतियोगिताएं भी होती हैं। कॉम्प्लेक्स में पड़ रहीं दरारों के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवालों के घेरे में हैं ये परियोजनाएं
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पटेल चौक पर 12 करोड़ की लागत से तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ स्काईवॉक अपनी उपयोगिता साबित करने में अब तक नाकाम रहा है। न तो जनता को इससे कोई लाभ हुआ, न ही नगर निगम को।
सिविल लाइंस में 11 करोड़ रुपये से संजय कम्युनिटी सरोवर का सुंदरीकरण किया गया था, यह भी बदहाल है। इसके संचालन के लिए नगर निगम ने निविदा जारी की, लेकिन ऊंची दरों के कारण एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। स्मार्ट सिटी की मल्टी लेवल पार्किंग का भी संचालन नहीं हो पा रहा है।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि बिल्डिंग के आसपास पानी भर जाने के कारण दीवार का प्लास्टर उखड़ गया है। टीम को मौके पर भेजकर जांच कराकर रिपोर्ट मांगी गई है।
डिवाइडर से उखड़ी ग्रीन नेट, सुंदरता हुई बदरंग
शहर की सड़कों को सुंदर और हरा-भरा दिखाने के लिए पटेल चौक से चौपुला पुल तक डिवाइडर के बीचों-बीच पेड़ों की सुरक्षा और हरियाली को सहेजने के लिए लगाई गई ग्रीन नेट अब जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। देखरेख के अभाव में यह प्रोजेक्ट दम तोड़ रहा है। इससे शहर की सुंदरता पर असर पड़ रहा है।
कुछ समय पहले ही लाखों रुपये खर्च कर ग्रीन नेट लगाई गई थी। अब कुछ जगहों पर यह नेट पूरी तरह से फट चुकी है तो कहीं डिवाइडर पर बेतरतीब लटक रही है। स्वच्छता मिशन से जुड़ी टीमों के संभावित निरीक्षण और शहर में आगमन से ठीक पहले आनन-फानन में यह नेट लगवाई गई थी, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह प्रयास कुछ ही दिनों में दम तोड़ गया। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि नेट को दिखवाकर उसे ठीक कराया जाएगा।