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Bareilly News: कागजों पर पैचवर्क... सड़कों पर गड्ढे, हिचकोले खाएंगे शिवभक्त
Sun, 02 Aug 2026 01:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:24 AM IST
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बरेली। प्रमुख सचिव और डीजीपी के सामने जिला प्रशासन ने सभी कांवड़ मार्गों को दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन हकीकत इसके उलट है। 80 फीसदी कांवड़ियों का आवागमन बदायूं रोड और लाल फाटक रोड से होता है। ये दोनों सड़कें बदहाल हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये कछला से जल लेकर पैदल इसी मार्ग से गुजरेंगे। ये सड़कें उनको दर्द देंगी। कई शिकायतों के बावजूद इन गड्ढों को नहीं भरा गया। शनिवार को की गई पड़ताल में हकीकत सामने आई और प्रशासनिक लापरवाही की भी पोल खुल गई।
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बदायूं रोड पर हनुमान मंदिर के पास टूटी है सड़क
बदायूं रोड पर हनुमान मंदिर के सामने ही बड़ा गड्ढा है, जिसे अब तक भरा नहीं गया है। आसपास के लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मार्ग से काफी संख्या में कांवड़िये पैदल व वाहनों से गुजरते हैं। कांवड़ियों का प्रमुख मार्ग होने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
महेशपुरा फाटक के पास भी उखड़ी है सड़क
महेशपुरा फाटक के पास सड़क उखड़ चुकी है। फाटक के दोनों ओर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यह सड़क भी कांवड़ियों के आवागमन का प्रमुख रूट है। इसके बावजूद यहां की स्थिति बदतर बनी हुई है। अगर सोमवार से पहले इस सड़क को ठीक नहीं कराया गया तो यहां से गुजरने वाले कांवड़ियों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
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लाल फाटक रोड की अनदेखी
लाल फाटक रोड भी कांवड़ियों के प्र्रमुख मार्गों में शुमार है। लाल फाटक पुल के बाद बदायूं की ओर के कुछ गड्ढों को भर दिया गया है, लेकिन पुल से शहर की तरफ आने वाली रोड के गड्ढों को नहीं भरा गया है। आलम यह है कि नंगे पांव चलने वाले कांवड़ियों के पैरों में कंकड़-पत्थर चुभेंगे। इससे उनकी यात्रा कष्टदायक हो जाएगी।
वीरांगना चौक के पास गहरे गड्ढे
वीरांगना चौक के पास भी दो बड़े गड्ढे हैं। यहां से डाक कांवड़ निकलती हैं। यदि दौड़ते हुए किसी कांवड़िये का पैर इन गड्ढों में पड़ गया तो उसका गिरकर जख्मी होना तय है। तेज गति से आ रहे वाहन भी इन गड्ढों में असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। इन गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
पीलीभीत रोड के गड्ढों की पैचिंग के लिए एनएचएआई के ठेकेदारों को बोला है। शहर की सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी नगर आयुक्त व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की है। बदायूं मार्ग के मरम्मत की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी
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दावा...58.61 लाख से 28 कांवड़ मार्गों का पैचवर्क पूरा
बरेली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता का दावा है कि 58.61 लाख रुपये की लागत से जिले के 28 कांवड़ मार्गों (105 किमी लंबाई) का पैचवर्क पूरा कर लिया गया है। इनमें एक किमी लंबा किला बाइपास मार्ग और परसाखेड़ा से चौपुला, सेटेलाइट तिराहा होते हुए रजऊ परसपुर तक की सड़क शामिल है। बाकी देहात क्षेत्र की सड़कों पर पैचवर्क कराया गया है। बरेली मंडल में 1.57 करोड़ की लागत से 290 सड़कों (238 किमी लंबाई) पर पैचवर्क कराया गया है। इसमें बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के मार्ग शामिल हैं।
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बदायूं रोड पर हनुमान मंदिर के पास टूटी है सड़क
बदायूं रोड पर हनुमान मंदिर के सामने ही बड़ा गड्ढा है, जिसे अब तक भरा नहीं गया है। आसपास के लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मार्ग से काफी संख्या में कांवड़िये पैदल व वाहनों से गुजरते हैं। कांवड़ियों का प्रमुख मार्ग होने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
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महेशपुरा फाटक के पास भी उखड़ी है सड़क
महेशपुरा फाटक के पास सड़क उखड़ चुकी है। फाटक के दोनों ओर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यह सड़क भी कांवड़ियों के आवागमन का प्रमुख रूट है। इसके बावजूद यहां की स्थिति बदतर बनी हुई है। अगर सोमवार से पहले इस सड़क को ठीक नहीं कराया गया तो यहां से गुजरने वाले कांवड़ियों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
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लाल फाटक रोड की अनदेखी
लाल फाटक रोड भी कांवड़ियों के प्र्रमुख मार्गों में शुमार है। लाल फाटक पुल के बाद बदायूं की ओर के कुछ गड्ढों को भर दिया गया है, लेकिन पुल से शहर की तरफ आने वाली रोड के गड्ढों को नहीं भरा गया है। आलम यह है कि नंगे पांव चलने वाले कांवड़ियों के पैरों में कंकड़-पत्थर चुभेंगे। इससे उनकी यात्रा कष्टदायक हो जाएगी।
वीरांगना चौक के पास गहरे गड्ढे
वीरांगना चौक के पास भी दो बड़े गड्ढे हैं। यहां से डाक कांवड़ निकलती हैं। यदि दौड़ते हुए किसी कांवड़िये का पैर इन गड्ढों में पड़ गया तो उसका गिरकर जख्मी होना तय है। तेज गति से आ रहे वाहन भी इन गड्ढों में असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। इन गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
पीलीभीत रोड के गड्ढों की पैचिंग के लिए एनएचएआई के ठेकेदारों को बोला है। शहर की सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी नगर आयुक्त व पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की है। बदायूं मार्ग के मरम्मत की जिम्मेदारी एनएचएआई को दी गई है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी
दावा...58.61 लाख से 28 कांवड़ मार्गों का पैचवर्क पूरा
बरेली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता का दावा है कि 58.61 लाख रुपये की लागत से जिले के 28 कांवड़ मार्गों (105 किमी लंबाई) का पैचवर्क पूरा कर लिया गया है। इनमें एक किमी लंबा किला बाइपास मार्ग और परसाखेड़ा से चौपुला, सेटेलाइट तिराहा होते हुए रजऊ परसपुर तक की सड़क शामिल है। बाकी देहात क्षेत्र की सड़कों पर पैचवर्क कराया गया है। बरेली मंडल में 1.57 करोड़ की लागत से 290 सड़कों (238 किमी लंबाई) पर पैचवर्क कराया गया है। इसमें बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर के मार्ग शामिल हैं।