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Bahraich News: कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण, पयागपुर में बदहाल मिली व्यवस्था
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विद्यालयों का निरीक्षण करते अधिकारी।
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बहराइच। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, पढ़ाई, भोजन और रहने की व्यवस्था की जांच के लिए बुधवार को एक साथ औचक और रात्रिकालीन निरीक्षण किए गए। अधिकारियों ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और किताबें पढ़वाकर शैक्षिक स्तर परखा। पयागपुर में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था मिली, यहां शैक्षिक गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली, जबकि जरवलरोड में 89 छात्राएं ही उपस्थित मिलीं। तेजवापुर में बीएसए ने छात्राओं के साथ भोजन कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी।
तेजवापुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने रात्रिकालीन निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक दिनचर्या के बारे में बातचीत की। छात्राओं के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता भी परखी। छात्रावास, शयन कक्ष, रसोई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बीएसए ने कहा कि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका शिक्षिकाएं पूरा ध्यान रखें। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जरवलरोड में 89 छात्राएं मिलीं उपस्थित
जरवल। नयापुरवा स्थित कस्तूरबा विद्यालय में तहसीलदार मीना गौड़, बीईओ अरविंद बहादुर सिंह और सीडीपीओ संजय कुमार सचान की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। 100 में 89 छात्राएं उपस्थित मिलीं। अधिकारियों ने छात्राओं से सवाल पूछकर पढ़ाई का स्तर परखा। रसोई, भोजन, शौचालय, शयन कक्ष, साफ-सफाई, पेयजल और अभिलेखों की भी जांच की। अधिकारियों ने छात्राओं को पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के की बात कही।
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पयागपुर में खुली व्यवस्थाओं की पोल
पयागपुर। डायट परिसर स्थित कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण में कई कमियां मिलीं। एसडीएम संजय पांडेय के नेतृत्व वाली टीम को 96 में केवल 74 छात्राएं उपस्थित मिलीं। दैनिक उपयोग की सामग्री 81 छात्राओं को दिए जाने की जानकारी सामने आई। रसोईघर के शीशे टूटे मिले और साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। स्वास्थ्य कार्ड, सुरक्षा समिति, हेल्पलाइन नंबर और कुछ शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित कमियां भी मिलीं। छात्राओं से सवाल पूछने और पुस्तकें पढ़वाने पर शैक्षिक स्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। एसडीएम ने निरीक्षण आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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तेजवापुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने रात्रिकालीन निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक दिनचर्या के बारे में बातचीत की। छात्राओं के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता भी परखी। छात्रावास, शयन कक्ष, रसोई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बीएसए ने कहा कि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका शिक्षिकाएं पूरा ध्यान रखें। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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जरवलरोड में 89 छात्राएं मिलीं उपस्थित
जरवल। नयापुरवा स्थित कस्तूरबा विद्यालय में तहसीलदार मीना गौड़, बीईओ अरविंद बहादुर सिंह और सीडीपीओ संजय कुमार सचान की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। 100 में 89 छात्राएं उपस्थित मिलीं। अधिकारियों ने छात्राओं से सवाल पूछकर पढ़ाई का स्तर परखा। रसोई, भोजन, शौचालय, शयन कक्ष, साफ-सफाई, पेयजल और अभिलेखों की भी जांच की। अधिकारियों ने छात्राओं को पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के की बात कही।
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पयागपुर में खुली व्यवस्थाओं की पोल
पयागपुर। डायट परिसर स्थित कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण में कई कमियां मिलीं। एसडीएम संजय पांडेय के नेतृत्व वाली टीम को 96 में केवल 74 छात्राएं उपस्थित मिलीं। दैनिक उपयोग की सामग्री 81 छात्राओं को दिए जाने की जानकारी सामने आई। रसोईघर के शीशे टूटे मिले और साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। स्वास्थ्य कार्ड, सुरक्षा समिति, हेल्पलाइन नंबर और कुछ शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित कमियां भी मिलीं। छात्राओं से सवाल पूछने और पुस्तकें पढ़वाने पर शैक्षिक स्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। एसडीएम ने निरीक्षण आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी है।

विद्यालयों का निरीक्षण करते अधिकारी।