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Ayodhya News: फाइल में रखा था रिश्वत का 10 हजार, लेखपाल निलंबित
Sat, 22 Aug 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:19 AM IST
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सोहावल। जमीन की पैमाइश कर हिस्सा अलग करने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार लेखपाल उत्कर्ष दीप के मामले में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का पूरा ब्योरा सामने आया है। शुक्रवार को एसडीएम गजेंद्र सिंह ने आरोपी लेखपाल को निलंबित कर जांच के निर्देश दिए। जांच की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार रौनाही रेशु जैन को सौंपी गई है।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अयोध्या इकाई के मुताबिक, पूराकलंदर क्षेत्र के पारा कैल निवासी अमित कुमार दूबे ने 18 अगस्त को शिकायत की थी। उनके पिता देवकरन दूबे ने जमीन के बंटवारे को लेकर एसडीएम सोहावल की अदालत में वाद दायर किया था। 17 फरवरी को आदेश और राजस्व अभिलेखों में अमल दर्ज होने के बावजूद मौके पर कब्जा नहीं मिला था। पैमाइश के लिए संपर्क करने पर लेखपाल पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा।
शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप टीम गठित की गई। 20 अगस्त को दो स्वतंत्र लोकसेवक साक्षियों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 20 नोट दिए गए। इन नोटों पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया और नंबर दर्ज किए गए। पंचायत भवन में शिकायतकर्ता ने रुपये लेखपाल को दिए। आरोप है कि उसके कहने पर रकम जमीन संबंधी फाइल में रखी गई। दोपहर करीब 1:26 बजे टीम ने उसे पकड़ लिया। फाइल से वही 10 हजार रुपये बरामद हुए। पंचायत भवन का सीसीटीवी डीवीआर और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी जांच के लिए सुरक्षित की गई है। बाद में लेखपाल के घर की तलाशी ली गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
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लेखपालों का धरना, आंदोलन की चेतावनी
कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर के लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में धरना दिया। राजस्व निरीक्षक संघ ने भी समर्थन किया। संघ ने कथित ऑडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई वापस लेने और उत्कर्ष दीप को बहाल करने की मांग की। शनिवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अयोध्या इकाई के मुताबिक, पूराकलंदर क्षेत्र के पारा कैल निवासी अमित कुमार दूबे ने 18 अगस्त को शिकायत की थी। उनके पिता देवकरन दूबे ने जमीन के बंटवारे को लेकर एसडीएम सोहावल की अदालत में वाद दायर किया था। 17 फरवरी को आदेश और राजस्व अभिलेखों में अमल दर्ज होने के बावजूद मौके पर कब्जा नहीं मिला था। पैमाइश के लिए संपर्क करने पर लेखपाल पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा।
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शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप टीम गठित की गई। 20 अगस्त को दो स्वतंत्र लोकसेवक साक्षियों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 20 नोट दिए गए। इन नोटों पर फिनाफ्थलीन पाउडर लगाया गया और नंबर दर्ज किए गए। पंचायत भवन में शिकायतकर्ता ने रुपये लेखपाल को दिए। आरोप है कि उसके कहने पर रकम जमीन संबंधी फाइल में रखी गई। दोपहर करीब 1:26 बजे टीम ने उसे पकड़ लिया। फाइल से वही 10 हजार रुपये बरामद हुए। पंचायत भवन का सीसीटीवी डीवीआर और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी जांच के लिए सुरक्षित की गई है। बाद में लेखपाल के घर की तलाशी ली गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
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लेखपालों का धरना, आंदोलन की चेतावनी
कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर के लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में धरना दिया। राजस्व निरीक्षक संघ ने भी समर्थन किया। संघ ने कथित ऑडियो का हवाला देते हुए कार्रवाई वापस लेने और उत्कर्ष दीप को बहाल करने की मांग की। शनिवार को प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।