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हाईकोर्ट : टेंडर प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड न करना प्रक्रिया का उल्लंघन, एलओआई रद्द
Fri, 11 Sep 2026 02:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:24 PM IST
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड न किए जाने को आवश्यक प्रक्रिया का उल्लंघन माना है। ऐसे में कोर्ट ने सफल बोलीदाता के पक्ष में जारी लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) रद्द कर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया में निर्धारित जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड न किए जाने को आवश्यक प्रक्रिया का उल्लंघन माना है। ऐसे में कोर्ट ने सफल बोलीदाता के पक्ष में जारी लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) रद्द कर दिया है। साथ ही वितरण कंपनी को शेष बोलियों का नए सिरे से मूल्यांकन कर सफल पाए जाने वाले बोलीदाता के पक्ष में नई एलओआई जारी करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने मेसर्स ओम साई ट्रेडर्स व अन्य बनाम यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड व छह अन्य की याचिका पर दिया है। याची ने एलओआई जारी किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वितरण कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रतिवादी संख्या सात (साई ट्रेडिंग कंपनी,आजाद नगर, बंसी) के पक्ष में लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जा चुका है।
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कोर्ट ने टेंडर दस्तावेज का अवलोकन करने पर पाया कि टेंडर प्रोफार्मा की धारा-1 में सभी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि प्रतिवादी संख्या सात ने टेंडर दस्तावेज जमा करने की आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। इसके बावजूद उसके पक्ष में एलओआई जारी कर दी गई। हाईकोर्ट ने इस आधार पर प्रतिवादी संख्या सात के पक्ष में जारी एलओआई को निरस्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने वितरण कंपनी को आदेश दिया कि वह बाकी बोलियों का मूल्यांकन करे और मूल्यांकन में सफल पाए जाने वाले बोलीदाता के पक्ष में नई एलओआई जारी करे।
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