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वाल्मीकि-सवर्ण विवाद: 27 सितंबर को अब नहीं होगी न्याय महापंचायत, भड़काऊ पोस्ट पर दिल्ली एयरपोर्ट कर्मी पर केस
Thu, 24 Sep 2026 01:29 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 24 Sep 2026 01:29 PM IST
सवर्ण समाज और करणी सेना की 27 सितंबर की न्याय महापंचायत को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, इसलिए रद्द कर दी गई। पुलिस की सोशल मीडिया सेल 24 घंटे सक्रिय है।
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पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाल्मीकि और सवर्ण समाज के बीच चल रहे विवाद में पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डालने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को गभाना थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें नई दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्यरत एक कर्मचारी को नामजद किया गया है, जिसकी तलाश जारी है। उधर, सवर्ण समाज की 27 सितंबर को घोषित न्याय महापंचायत को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी, जिससे उसे रद्द कर दिया गया।
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एसआई सचिन कुमार की ओर से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जांच में सामने आया कि 'एक्स' हैंडल पर डाली गई वीडियो में एक व्यक्ति भड़काऊ भाषण दे रहा था। उसका उद्देश्य विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता और घृणा फैलाना था। आरोपी की पहचान गभाना क्षेत्र के गांव रुस्तमपुर निवासी आनंद शर्मा के रूप में हुई है। सीओ गभाना महेश कुमार ने आनंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की। आनंद शर्मा फिलहाल नई दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल टू पर ड्यूटी कर रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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अब नहीं होगी न्याय महापंचायत
सवर्ण समाज की ओर से 27 सितंबर को न्याय महापंचायत की घोषणा की गई थी। प्रशासन ने इस महापंचायत को आयोजित करने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद पदाधिकारियों ने स्वयं जानकारी दी कि वे अब पंचायत नहीं करेंगे। यह घटना 15 सितंबर को हुई एक सवर्ण महापंचायत से जुड़ी है। उस दिन सचिन राघव के भाई ने वाल्मीकि समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद आक्रोशित लोगों ने सचिन राघव पर हमला कर दिया था।
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विवाद और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए थे। कई गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं। करणी सेना ने भी 27 सितंबर को न्याय महापंचायत का एलान किया था। लेकिन प्रशासन की अनुमति न मिलने के कारण उसे भी रद्द करना पड़ा। पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों पर शिकंजा कस रही है।
सोशल मीडिया पर दिखा पुलिस कार्रवाई का असर
पुलिस की सख्त कार्रवाई का असर अब सोशल मीडिया पर दिखने लगा है। लगातार दर्ज हो रहे मुकदमों और गिरफ्तारियों के बाद 'एक्स' पर भड़काऊ पोस्टों का शोर थम गया है। पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों द्वारा भ्रामक वीडियो और फर्जी खबरें फैलाई जा रही थीं। हर पोस्ट के बाद माहौल बिगड़ने की आशंका बनी रहती थी। इसके बाद पुलिस ने अपनी सोशल मीडिया सेल को 24 घंटे सक्रिय कर दिया। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई शुरू की गई है।