फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra’s AQI Data Discrepancy Raises Questions as Smart City Sensors Report High Pollution

सांसों के साथ भी खेल: एक्यूआई के आंकड़ों में कर दी बाजीगरी, आगरा में दो सेंसर; रिपोर्ट देख आप भी चौंक जाएंगे

Wed, 28 Oct 2026 10:46 AM IST
Dhirendra Singh अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 28 Oct 2026 10:46 AM IST
सार
Register For Event

आगरा में सांसों के साथ भी खेल किया जा रहा है। आंकड़ों की बाजीगरी देख आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल आगरा स्मार्ट सिटी और प्रदूषण बोर्ड के संसर द्वारा जो आंकड़े दिए गए हैं, उन दोनों में बड़ा अंतर है। ऐसे में सच क्या है यो किसी को नहीं पता....
 

विज्ञापन
Agra’s AQI Data Discrepancy Raises Questions as Smart City Sensors Report High Pollution
क्यूआई के आंकड़ों में कर दी बाजीगरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के 20 लाख से ज्यादा लोगों की सांसों पर संकट छाया है। तापमान कम होने और लगातार खोदाई से धूल के गुबार शहर की सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। आगरा स्मार्ट सिटी ने 39 चौराहों पर नए पर्यावरण सेंसर लगाए हैं, जिनमें 38 का डाटा सोमवार से उपलब्ध होना शुरू हो गया। इनमें दो चौराहों पर खतरनाक, तीन पर बेहद खराब और 27 चौराहों पर हवा की गुणवत्ता खराब मिली।
विज्ञापन

 
Trending Videos

वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के शहर में लगे छह स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मध्यम पाया गया। जिन जगहों पर स्मार्ट सिटी ने खतरनाक हवा बताई वहां यूपीपीसीबी के आंकड़े संतोषजनक थे। इससे सांसों के साथ भरोसे का भी संकट खड़ा हो गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर में जिन पांच जगहों पर 12 किमी. लंबी सड़कों की खोदाई का काम चल रहा है, उनसे जुड़े हुए सभी चौराहों पर आगरा स्मार्ट सिटी के पर्यावरण सेंसरों ने एक्यूआई के साथ सूक्ष्म कणों पीएम-10 की मात्रा को बेहद खतरनाक स्तर पर बताया।
विज्ञापन

बारहखंभा पर रेलवे पुल के निर्माण और धूल उड़ने का असर एक्यूआई पर दिखा। अर्जुन नगर तिराहा पर 863 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक धूलकण पाए गए, जो शहर में सबसे ज्यादा हैं। यहां पूरे दिन जाम और धूल उड़ने का असर नजर आया। राजामंडी में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रही सड़क की खोदाई से धूल कण 698 दर्ज किए गए, जबकि राजेश्वर मंदिर के पास इंदिरापुरम में खोदाई से धूल कणों की मात्रा 456 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पाई गई।

 

दो से तीन गुना का अंतर
तीन माह से स्मार्ट सिटी के सेंसर खराब होने के कारण बंद थे। सभी 39 चौराहों पर नए सेंसर लगने के बाद शुरू हुए तो यूपीपीसीबी के स्टेशनों से दो से तीन गुना ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया। यूपीपीसीबी के सभी छह स्टेशनों पर हवा मध्यम स्तर की रही। मेट्रो के निर्माण कार्य के कारण जहां धूल के गुबार हैं, वहां भी बोर्ड के आंकड़े बेहतर एक्यूआई बता रहे हैं।

 

नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि स्मार्ट सिटी के नए सेंसर लगाए गए हैं और इनका डाटा एकदम ठीक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्टेशनों और सेंसरों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है। दोनों की लोकेशन और लगाने की ऊंचाई अलग होने का असर भी आंकड़ों पर पड़ता है।

 

टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य इंजीनियर उमेश शर्मा ने बताया कि लगातार खोदाई से सांस लेना मुश्किल हो गया है। सीएम ग्रिड के काम में मानकों का पालन नहीं हो रहा है। प्रदूषण के आंकड़ों में अंतर से भरोसे का संकट पैदा हो रहा है कि आखिर विश्वास किस पर करें। इस मुद्दे को टीटीजेड की बैठक में उठाया जाएगा।

 

यूपीपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि उनकी मशीनों और सेंसरों में अंतर है। दोनों की प्रदूषण मापने की क्षमता और क्षेत्र अलग-अलग हैं। संभव है कि इसका असर आंकड़ों पर पड़ता हो। उनके अनुसार, बोर्ड के आंकड़े ऑटोमेटिक मशीनों से लिए जाते हैं, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के अनुरूप हैं।



 

न्यूमेरिक्स
- 02 चौराहों पर एक्यूआई खतरनाक

- 03 चौराहों पर बेहद खराब हवा
- 27 जगह खराब मानक पर एक्यूआई

- 06 में मध्यम और संतोषजनक हाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed