Tech Tips: क्रोमबुक को लेकर हैं ये अफवाहें, खरीदने से पहले जरूर जानें आठ सच

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 10 Jul 2025 05:08 PM IST
सार

10 वर्षों में Chromebooks को लेकर कई गलत धारणाएं भी बनी हैं, जैसे कि इन्हें ऑफलाइन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता या ये बहुत कमजोर होते हैं, हालांकि समय के साथ इनमें काफी सुधार हुए हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 8 प्रमुख गलतफहमियों के बारे में...

Tech Tips These are rumors about Chromebook know the truth before buying it
Chromebooks  - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    Chromebooks यानी वो लैपटॉप जो Google के ChromeOS पर चलते हैं, पिछले एक दशक से बाजार में मौजूद हैं। पहले इन्हें केवल इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए जाना जाता था, लेकिन अब ये व्यक्तिगत और व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुके हैं, हालांकि इनका एक निश्चित “एंड ऑफ सपोर्ट” समय होता है, यानी एक समय के बाद इन्हें सुरक्षा और फीचर अपडेट नहीं मिलते, फिर भी ये सादगी और उपयोग में आसानी की वजह से स्कूलों, व्यवसायों और टेक्नोलॉजी से कम परिचित लोगों के बीच लोकप्रिय हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में Chromebooks को लेकर कई गलत धारणाएं भी बनी हैं, जैसे कि इन्हें ऑफलाइन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता या ये बहुत कमजोर होते हैं, हालांकि समय के साथ इनमें काफी सुधार हुए हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 8 प्रमुख गलतफहमियों के बारे में...

    शुरुआत में जब Chromebooks केवल वेब ब्राउजिंग के लिए बने थे, तब यह बात कुछ हद तक सही थी, लेकिन अब Google ने ChromeOS को अधिक फंक्शनल बना दिया है और निर्माता कंपनियों ने इनकी परफॉर्मेंस को भी बेहतर किया है। आज की तारीख में 20,000 रुपये से 1 लाख+ रुपये तक की रेंज में Chromebook मिलते हैं और कीमत के अनुसार इनकी कार्यक्षमता मिलती है। कम कीमत वाले Chromebooks में स्ट्रीमिंग, Android एप्स और क्लाउड गेमिंग जैसे काम आप आसानी से कर सकते हैं।

    ChromeOS नाम सुनते ही Chrome ब्राउजर की ही कल्पना होती है, लेकिन आप Brave, Firefox जैसे अन्य ब्राउजर भी चला सकते हैं। Google Play Store से इन्हें इंस्टॉल किया जा सकता है और ये टैबलेट मोड में अच्छे से काम करते हैं।

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