Smartwatch: कलाई में लटकने वाला जासूस, बेच रहा है आपकी सेहत का डेटा! इस डिवाइस से रहें सावधान

जागृति
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति
Tue, 13 Jan 2026 05:11 PM IST
सार

Health Data Security:

क्या आपको पता है कि आपकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच सिर्फ आपकी सेहत नहीं सुधार रही, ये आपकी जासूसी भी कर रही है? Google और Apple जैसे दिग्गजों के वियरेबल डिवाइसेस बेशक फिटनेस के लिए शानदार हैं, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स और प्राइवेसी पॉलिसी के विश्लेषण ने डेटा सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

your smartwatch selling your health data Learn about Apple and Google secret policies.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik

    विस्तार

    स्मार्टवॉच सेहत और फिटनेस के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन यही डिवाइस आपका संवेदनशील स्वास्थ्य और लोकेशन डेटा थर्ड-पार्टी तक पहुंचा सकती हैं। एपल और गूगल जैसे दिग्गज ब्रांड प्राइवेसी की बात करते हैं, लेकिन उनकी नीतियों में ऐसे रास्ते मौजूद हैं, जिनसे यूजर डेटा शेयर या उजागर हो सकता है। कंपनियां अक्सर डेटा सुरक्षित रखने का दावा करती हैं, लेकिन उनकी पॉलिसी में छिपे नियम और शर्तें कुछ और ही कहते हैं।

    क्या कहती है Google की Fitbit पॉलिसी

    गूगल की फिटबिटी प्राइवेसी पॉलिसी कहती है कि यूजर तय करता है कि कौन सा डेटा शेयर होगा और कंपनी इसे विज्ञापनों के लिए नहीं बेचती। लेकिन पॉलिसी में ये भी लिखा है कि कानूनी जरूरतों या सहमति के आधार पर डेटा शेयर किया जा सकता है। यानी कोर्ट के आदेश पर आपका स्मार्टवॉच डेटा मांगा जा सकता है, जो कई लोगों के लिए डराने वाला विचार भी हो सकता है।

    एपल की प्राइवेसी का सच

    एपल खुद को प्राइवेसी का चैंपियन बताता है, लेकिन इसकी पॉलिसी में लिखा है कि कंपनी जरूरी होने पर अपने सहयोगियों और सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ आपका हेल्थ डेटा साझा कर सकती है। इसका सीधा मतलब है कि थर्ड-पार्टी कंपनियों की पहुंच आपकी निजी जानकारी तक हो सकती है।

    आपका स्वास्थ्य डेटा कैसे खतरे में पड़ता है?

    1. सैनिकों की लोकेशन लीक

    : 2018 में Strava एप के जरिए अमेरिकी सैनिकों के वर्कआउट रूट सार्वजनिक हो गए, जिससे संवेदनशील सैन्य ठिकानों और पैट्रोलिंग रूट्स का खुलासा हो गया।

    2. लोकेशन ट्रैकिंग स्कैम:

    2022 में Google को 400 मिलियन डॉलर का जुर्माना देना पड़ा क्योंकि उसने यूजर्स के लोकेशन ऑफ करने के बावजूद उनकी लोकेशन ट्रैक करना जारी रखा था।

    क्या आपका हेल्थ डेटा थर्ड-पार्टी के पास जा रहा है?

    2025 में Nature जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार एपल और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियां ये नहीं बता पाती कि वे थर्ड-पार्टी के साथ डेटा क्यों और कितना साझा कर रही हैं। आपकी नींद का पैटर्न, हार्ट रेट और मासिक धर्म चक्र जैसी जानकारी का उपयोग बीमा कंपनियां या विज्ञापन एजेंसियां अपने मुनाफे के लिए भी कर सकती हैं।

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    खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

    सेटिंग्स की समीक्षा करें:

    अपनी स्मार्टवॉच की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर Data Sharing और Location Tracking को नियमित रूप से चेक करें। कुछ भी गड़बड़ लगने पर तुरंत उसे बदल दे।

    डेटा डिलीट करें:

    समय-समय पर अपने क्लाउड स्टोरेज से पुराना हेल्थ डेटा डिलीट करने की आदत डालें। इससे आपका डेटा कंपनियों के हाथ नहीं लग पाएगा और प्राइवेसी भी मेनटेन रहेगी।

    जरूरी परमिशन ही दें:

    बहुत से लोग सेटिंग के दौरान स्क्रीन के सभी चीजों को नेक्स्ट-नेक्स्ट करके परमिशन दे देते हैं। इससे आपकी प्राइवेसी का खतरा बढ़ जाता है, इसलिएएप को केवल उन्हीं सेंसर्स का एक्सेस दें जो आपके उपयोग के लिए अनिवार्य हों।

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