Digital Arrest: क्या है डिजिटल अरेस्ट स्कैम, पांच सवाल और जवाब से समझें
Digital Arrest Scam: यदि आप गलती से इसके शिकार हो गए हैं तो तुरंत कॉल कट कर दें और पुलिस में इसकी शिकायत करें। इसके अलावा 1930 डायल करके आप शिकायत कर सकते हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी इसकी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।

विस्तार
डिजिटल अरेस्ट स्कैम आज देश का सबसे बड़ा स्कैम बन चुका है। हर दिन लोग इसके शिकार हो रहे हैं। हर रोज लोगों के बैंक अकाउंट खाली किए जा रहे हैं। सरकार लगातार डिजिटल अरेस्ट को लेकर विज्ञापन के जरिए लोगों को जागरूक कर रही है लेकिन यह स्कैम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अमर उजाला डिजिटल अरेस्ट को लेकर अपने पाठकों को लंबे समय से जागरूक करते रहा है। आइए आज इसी कड़ी में पांच सवालों और जवाब के जरिए डिजिटल अरेस्ट के बाके में जानते हैं...
यह एक नए तरह का स्कैम है, हालांकि इसे पूरी तरह से नया नहीं ही कहा जाएगा, क्योंकि पिछले एक साल से लोग इसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, उनके लिए तो यह नया ही है। डिजिटल अरेस्ट दो शब्दों से मिलकर बना है, डिजिटल मतलब वर्चुअल तौर पर और अरेस्ट मतलब गिरफ्तार, यदि आपको वर्चुअल तौर पर गिरफ्तार किया जाता है तो उसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। डिजिटल अरेस्ट में लोग अपने ही घरों में कैद हो जाते हैं और कोई वीडियो कॉल के जरिए उनपर नजर बनाए रखता है।
इससे बचने का सबसे आसान और सस्ता रास्ता यही है कि आपको घबराना नहीं है। यदि आपके पास कोई ऐसी कॉल आती है जिसमें कहा जाता है कि आपके नाम पर कोई पार्सल आया है जिसमें अवैध चीजें हैं, आपके सिम कार्ड का इस्तेमाल गलत कामों में हुआ है या फिर कोई ऐसी कॉल आती है जिसमें कहा जाता है कि आपका नंबर आज बंद हो जाएगा चालू रखने के लिए 9 या कोई अन्य बटन दबाएं तो आपको ऐसे कॉल का जवाब नहीं देना है।
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