SOVA Virus : बैंकिंग मैलवेयर फिर से आया वापस, बैंक अकाउंट कर रहा खाली

Sova Virus : देश में नया मोबाइल बैंकिंग ‘ट्रोजन’ वायरस ‘सोवा’ एंड्रॉयड उपभोक्ताओं को निशाना बना रहा है। इस वायरस के जरिये कोई भी आपके एंड्रॉयड फोन को एन्क्रिप्ट कर सकता है और उसका इस्तेमाल फिरौती, धन उगाही आदि के लिए कर सकता है। इसको अनइंस्टॉल करना भी मुश्किल है। केंद्रीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी सीईआरटी इन ने इस वायरस को लेकर एडवायजरी जारी की है। सीईआरटी इन ने भारतीय साइबर स्पेस में इस वायरस का पता सबसे पहले जुलाई में लगाया था। उसके बाद से अब तक इसका पांचवां वर्जन अपग्रेड किया जा चुका है। यह लॉगइन के जरिये यूजर नेम और पासवर्ड हासिल करता है। इसके अलावा कुकीज में सेंध लगाकर और कई तरह के एप का झूठा जाल बुनकर उपभोक्ताओं की जानकारी जुटाता है व उन्हें चपत लगाता है। भारत से पहले सोवा वायरस अमेरिका, रूस और स्पेन में भी सक्रिय रहा है। सीईआरटी इन के मुताबिक करीब 200 मोबाइल उपभोक्ता अब तक इस वायरस का शिकार बन चुके हैं।

इस तरह करता है गुमराह
एडवायजरी के मुताबिक, इस वायरस का नवीनतम वर्जन फर्जी एंड्रॉयड एप में छिपकर मोबाइल उपभोक्ता के खातों में सेंध लगाता है। इन एप पर क्रोम, अमेजन, एनएफटी जैसे लोकप्रिय एप का लोगो होता है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जाता है और उन्हें ये एप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया जाता है। इसके बाद उपभोक्ता का डाटा चुराता है।

एक बार फर्जी एंड्रॉयड एप मोबाइल में डाउनलोड होने के बाद ये वायरस उस मोबाइल के सभी एप की जानकारी सी2 (कमांड एंड कंट्रोल) सर्वर को भेजता है। जहां बैठे मास्टरमाइंड निशाना बनाए जाने वाले एप की लिस्ट तैयार करते हैं। यह लिस्ट सी2 की ओर से वापस सोवा वायरस को भेजी जाती है। वह यह पूरी जानकरी एक्सएमएल फाइल के रूप में सेव करता है।