Misuse of AI: ChatGPT से परीक्षा में नकल करते पकड़े गए 400 छात्र, विश्वविद्यालयों ने शुरू की जांच
ChatGPT जैसे ये बॉट आसानी से और फ्री में उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों द्वारा जमकर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इन एआई बॉट्स की मदद से मिनटों में किसी भी विषय पर आर्टिकल या निबंध लिखा जा सकता है।

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चैटजीपीटी का इस्तेमाल अब नकल करने के लिए भी किया जाने लगा है। जी हां, ब्रिटेन में 400 से ज्यादा छात्र परीक्षा में नकल के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के कई विश्वविद्यालयों ने चैटजीपीटी-असिस्टेड की मदद से नकल करने पर नकेल कसना शुरू कर दिया है।
चैटजीपीटी जैसे एआई बॉट्स का उपयोग करके अपने मूल्यांकन में धोखाधड़ी करने के लिए विश्वविद्यालयों लगभग 400 छात्रों की जांच कर रही है। एक स्टूडेंट न्यूजपेपर द टैब की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों के 377 छात्रों को अपने पाठ्यक्रम में नकल के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते पकड़ा गया है। इनमें से कम से कम 146 को पहले ही दोषी पाया जा चुका है, जबकि कई विश्वविद्यालयों में छात्रों की जांच अभी भी जारी है।
फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन एक्ट के तहत जारी डाटा के अनुसार, ब्रिटेन के 40 फीसदी विश्वविद्यालयों ने इस तरह की समस्या का सामना किया है। इसमें रसेल ग्रुप से संबंधित एलएसई, यूसीएल और ग्लासगो विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
एआई तकनीक, विशेष रूप से एआई चैट बॉट के उपयोग में 2023 की शुरुआत से काफी वृद्धि देखी गई है। अब ChatGPT जैसे ये बॉट आसानी से और फ्री में उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों द्वारा जमकर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इन एआई बॉट्स की मदद से मिनटों में किसी भी विषय पर आर्टिकल या निबंध लिखा जा सकता है।
अब विश्वविद्यालयों के सामने इसके उपयोग को रोकने का संकट खड़ा हो गया है। ब्रिटेन के विश्वविद्यालय नकल के इस मामले से निपटने के लिए लगन से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इस नई तकनीक का जवाब देने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
चैटजीपीटी निबंध तैयार करने के लिए ऑनलाइन स्रोतों से वास्तविक जीवन के डाटा और तर्कों का उपयोग करता है, हालांकि उनमें अक्सर मौलिकता और रचनात्मकता की कमी होती है। यानी शिक्षक यदि छात्रों की भाषा शैली को पहचानते हैं तो वह असली और नकली कंटेंट को तुरंत पहचान जाते हैं।