जब खुद हैकर बन गया AI: OpenAI के मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान दूसरे सिस्टम को किया हैक, टेक जगत में मचा हड़कंप
OpenAI ने खुलासा किया है कि इंटरनल टेस्टिंग के दौरान उसके एक एडवांस AI मॉडल ने अपने दम पर एक दूसरी AI कंपनी के सिस्टम में सेंध लगा दी। कंपनी इसे AI सुरक्षा के लिहाज से असामान्य घटना बता रही है। इस मामले के बाद AI मॉडल्स की साइबर क्षमताओं और सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। OpenAI ने खुलासा किया है कि उसकी इंटरनल टेस्टिंग के दौरान एक एडवांस AI मॉडल ने अपने दम पर दूसरी AI कंपनी हगिंग फेस (Hugging Face) के सिस्टम में घुसपैठ कर ली। कंपनी ने इसे AI इतिहास की अब तक की सबसे असाधारण साइबर घटनाओं में से एक बताया है।
OpenAI के मुताबिक, यह पहली बार हो सकता है जब किसी AI मॉडल ने नियंत्रित परीक्षण के दौरान बिना इंसानी निर्देश के किसी दूसरी कंपनी के सिस्टम में सफलतापूर्वक प्रवेश किया हो।GPT-5.6 Sol समेत कई मॉडल्स की हो रही थी टेस्टिंग
- कंपनी ने बताया कि यह घटना उसके इंटरनल साइबर सिक्योरिटी मूल्यांकन के दौरान हुई। इस परीक्षण में GPT-5.6 Sol समेत कई एडवांस AI मॉडल्स को शामिल किया गया था। इन मॉडल्स की साइबर क्षमताओं को परखने के लिए उन्हें सीमित इंटरनेट एक्सेस वाले अलग-थलग टेस्टिंग एनवायरमेंट में चलाया गया था।
- इसी दौरान AI मॉडल ने एक ऐसी सॉफ्टवेयर कमजोरी का फायदा उठाया, जिसकी पहले जानकारी नहीं थी। इसके जरिए उसने इंटरनेट तक पहुंच बनाई और फिर हगिंग फेस के सिस्टम में प्रवेश कर लिया।
हगिंग फेस ने समय रहते रोका हमला
- OpenAI के अनुसार, हगिंग फेस ने पिछले सप्ताह इस असामान्य गतिविधि को पहचान लिया और समय रहते उसे रोक दिया। दूसरी ओर, OpenAI की सिक्योरिटी टीम ने भी मॉडल की संदिग्ध गतिविधियों का पता लगा लिया था।
- कंपनी का कहना है कि AI मॉडल का मकसद किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाना नहीं था। शुरुआती जांच में पता चला है कि मॉडल साइबर सिक्योरिटी बेंचमार्क से जुड़े सवालों के जवाब खोजने की कोशिश कर रहा था।
सैम ऑल्टमैन ने भी घटना का किया जिक्र
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी को अपने AI मॉडल्स के मूल्यांकन के दौरान एक बड़ी सुरक्षा घटना का सामना करना पड़ा।
OpenAI ने भी आधिकारिक बयान में कहा कि यह "अभूतपूर्व साइबर घटना" है, जिसमें अत्याधुनिक AI साइबर क्षमताएं देखने को मिलीं।हगिंग फेस के सीईओ ने क्या कहा?
- हगिंग फेस के सह-संस्थापक और सीईओ क्लेम डेलैंग ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि इतना एडवांस साइबर हमला किसी बड़े AI लैब से आया होगा।
- उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे से उनकी टीम OpenAI के साथ मिलकर जांच कर रही है और फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि OpenAI की ओर से कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा था। उनके मुताबिक, सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पूरा घटनाक्रम AI मॉडल ने अपने आप अंजाम दिया।
सुरक्षा नियमों में बदलाव करेगी ओपनएआई
- OpenAI ने माना कि तेजी से सक्षम होते AI मॉडल अब सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को पहले से कहीं ज्यादा तेजी से खोज और इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए AI मॉडल्स की सुरक्षा और निगरानी को भी उसी गति से मजबूत करना जरूरी है।
- कंपनी ने कहा है कि वह अब मॉडल डेवलपमेंट के दौरान कंटेनमेंट सिस्टम, मॉनिटरिंग, एक्सेस कंट्रोल और सिक्योरिटी टेस्टिंग को पहले से अधिक सख्त बनाएगी। साथ ही जिन कमजोरियों का पता चला है, उन्हें भी जल्द ठीक किया जाएगा।
AI सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
यह घटना दिखाती है कि AI सिर्फ इंसानों की मदद करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब वह जटिल साइबर ऑपरेशन भी अपने स्तर पर करने की क्षमता विकसित कर रहा है। ऐसे में AI के विकास के साथ-साथ उसकी सुरक्षा, निगरानी और जिम्मेदार उपयोग को लेकर दुनिया भर में नियमों को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।