National Technology Day 2020: पोखरण परमाणु परीक्षण से इस दिन का है गहरा नाता

भारत में हर साल 11 मई के दिन राष्ट्रीय प्रौद्यगिकी दिवस यानी नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। आज ही के दिन देश में तकनीक क्रांति आई थी। साथ ही 1998 में भारतीय सेना ने पोखरण परमाणु टेस्ट किया था। इसके अलावा भारत ने आज के ही दिन ऑपरेशन शक्ति मिसाइल को भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। वहीं, परमाणु परीक्षण का श्रय डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी को जाता है। इन दोनों की बदौलत ही भारत ने पश्चिमी देशों को कड़ी चुनौती दी थी।
भारत ने परमाणु टेस्ट को खुफिया तरीके से करने का फैसला लिया था, लेकिन 1995 में अमेरिक के जासूसों ने इसका पता लगा लिया था। दबाव के कारण भारत को यह परीक्षण रोकना पड़ा था। दूसरी तरफ डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और उनकी टीम ने परीक्षण करने का मन बना लिया था। इसके बाद कलाम और उनकी टीम ने परीक्षण स्थल का कई बार दौरा किया था। साथ ही वह सैन्य अधिकारी के रूप में करीब एक माह तक उस ही स्थल पर रहे थे।
डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम और उनकी टीम ने 1998 में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण को अंजाम दिया था। इस टेस्ट के तहत पांच विस्फोट किए गए थे, जिनकी भनक किसी को नहीं पड़ी थी।
भारत ने 11 मई 1998 की सुबह थार के रेगिस्तान में पोखरण के खेतोलाई गांव के पास परीक्षण किया था। व्हाइट हाउस नाम से बनाए गए शाफ्ट में धमाका हुआ था। खास बात यह है कि 58 किलो टन क्षमता वाला परमाणु बम जापान के हिरोशिमा में गिराए गए परमाणु बम लिटिल बॉय से छह गुना अधिक शक्तिशाली था।
परीक्षण पूरा करने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी ने भारत को परमाणु शक्ति धोषित किया था। इसके बाद से ही भारत परमाणु देशों की सूची में शामिल होने वाला छठा देश बन गया था। वहीं, 11 मई 1999 को पहली बार नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया गया था।
भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भी भारत की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल त्रिशूल का सफल परीक्षण किया था।