अपराध पर लगाम: सरकार का दावा, 97% तक कम हुई साइबर क्राइम और स्पैम कॉलिंग
दूरसंचार विभाग (DoT) ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) विकसित किया है, जो एक ऑनलाइन, सुरक्षित प्रणाली है। यह टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग से जुड़ी जानकारी विभिन्न संस्थाओं के साथ साझा करता है, जिससे साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी को रोका जा सके।

विस्तार
सरकार ने फर्जी या स्पूफ कॉलिंग को लेकर बड़ा दावा किया है। दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा तैनात सिस्टम ने स्पूफ कॉल की संख्या में लगभग 97 प्रतिशत की कमी की है। यह जानकारी सरकार ने दी है।
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) में अब तक 560 संस्थानों को जोड़ा जा चुका है, जिनमें केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, 35 राज्य पुलिस विभाग, टेलीकॉम सेवा प्रदाता (TSPs) और I4C शामिल हैं। दूरसंचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने लोकसभा में बताया कि 17 अक्टूबर 2024 को अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल को ब्लॉक करने की प्रणाली चालू की गई थी। इस सिस्टम ने 24 घंटे के भीतर 1.35 करोड़ स्पूफ कॉल को ब्लॉक कर दिया।
उन्होंने यह भी बताया कि 3 मार्च 2025 तक केवल 4 लाख स्पूफ कॉल ही दर्ज की गईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस प्रणाली के कारण भारतीय कॉलर आईडी (CLI) के साथ आने वाली स्पूफ कॉल में लगभग 97 प्रतिशत की कमी आई है।
सरकार के अनुसार, साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय (MHA) के तहत आती है। MHA ने I4C को एक संबद्ध कार्यालय के रूप में स्थापित किया है ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा और सिस्टम प्रदान किया जा सके। DoT भी टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई प्रयास कर रहा है, जिससे साइबर धोखाधड़ी को रोका जा सके।
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