जानिए उस चाइनीज कंपनी के बारे में जो प्रधानमंत्री से लेकर सरपंच तक की करती है जासूसी

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यदि यह खबर आपको पढ़ने के लिए मिल रही है कि चीन आपकी जासूसी कर रहा है तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जासूसी और चीन का चोली दामन का साथ है। चीन की कोशिश हमेशा यह जानने की रहती है कि पड़ोसी के आंगन में क्या पक रहा है। चीन की हालत गांव के उस शख्स की तरह है जो हर घर की खबर रखना अपना परम कर्तव्य समझता है। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि जो शख्स पूरे गांव पर नजर रखता है उसे पसंद गांव का शायद ही कोई शख्स करता है। चीन की हालत भी आज वही हो गई है। अमेरिका से लेकर भारत तक आज चीन से दूरी बना रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण चीन का रवैया है।
अब हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके बाद पूरी दुनिया में तहलका मचा है। खबर है कि चीनी सरकार के पास दुनिया के लाखों लोगों का निजी डाटा है और यह काम एक एजेंसी कर रही है जिसका नाम जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को. लिमिटेड (Zhenhua Data Information Technology Co. Limited) है। जेन्हुआ पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, सोनिया गांधी, कई बड़े अधिकारियों के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जज और कई जाने माने उद्योगपति की जासूसी करने का आरोप है। इस कंपनी के पास करीब 10 हजार भारतीयों का निजी डाटा है। दावा है कि जेन्हुआ के तार चीन की सरकार से जुड़े हैं।
चीन लोगों के निजी डाटा को लेकर कितना भूखा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस कंपनी ने प्रधानमंत्री से लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच तक की जासूसी की है। जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के करीब एक लाख लोगों का डाटा एक्सेस किया है जिसमें बड़े सरकारी अधिकारियों के भी डाटा शामिल हैं। इस कंपनी ने 52,000 अमेरिकी, 35,000 ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटेन के करीब 10,000 लोगों का डाटा एक्सेस किया है। जेन्हुआ पर दुनियाभर के कुल 24 लाख लोगों की जासूसी करने का आरोप है।
जेन्हुआ डाटा इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की तैयारी कितनी बड़ी है, इसका पता आप इससे लगा सकते हैं कि कंपनी के पास आपकी जन्मतिथि से लेकर आपके रिश्तेदारों तक की जानकारी मौजूद है, हालांकि कंपनी ने अधिकतर सूचनाओं को ओपन सोर्स से लिया है जिनमें सोशल मीडिया आईडी शामिल हैं। कंपनी जिन लोगों की जासूसी कर रही थी उनके बारे में कंपनी के पास जन्मतिथि, पते, वैवाहिक स्थिति, फोटो, राजनीतिक जुड़ाव, रिश्तेदार और सोशल मीडिया आईडी जैसी जानकारियां हैं। कंपनी ने डाटा इकट्ठा करने के लिए प्राथमिक तौर पर लोगों के ट्विटर, फेसबुक, लिंकडिन, इंस्टाग्राम और टिकटॉक अकाउंट की मदद ली है। इस कंपनी को यह भी पता है कि आपके बारे में किस दिन और किस अखबार में आपके बारे में खबर छपी है। कंपनी के पास मौजूद डाटा में आपराधिक रिकॉर्ड और कॉरपोरेट अपराध भी शामिल हैं।