BSNL यूजर्स अब एमटीएनएल नेटवर्क पर कर सकेंगे लंबी बातें, नहीं देना होगा चार्ज

अजय वर्मा
टेक डेस्क, अमर उजालाअजय वर्मा
Fri, 25 Oct 2019 01:28 PM IST
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BSNL Users Now Free Calling MTNL Numbers Know About It
बीएसएनएल - फोटो : PTI

    सरकार ने हाल ही में दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल (BSNL) और एमटीएनएल (MTNL) के विलय को मंजूरी दी है। वहीं, इस विलय के होने के बाद दोनों कंपनियों के उपभोक्त एक-दूसरे की सेवाओं को इस्तेमाल कर सकेंगे। बीएसएनएल ने दिल्ली और मुंबई के यूजर्स को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। अब कंपनी के उपभोक्ता इन प्रीपेड प्लान के तहत एमटीएनएल के नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग कर सकेंगे। आपको बता दें कि भारत संचार निगम इस समय 20 टेलीकॉम सर्कल्स में अपनी सर्विस दे रहा है। फिलहाल, दोनों कंपनियों के विलय को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, अब दिल्ली और मुंबई के बीएसएनएल यूजर्स 429 रुपये, 485 रुपये और 666 रुपये वाले प्रीपेड प्लान के तहत एमटीएनएल नेटवर्क पर मुफ्त कॉलिंग कर सकेंगे। लेकिन अन्य सर्कल्स के उपभोक्ताओं को कॉल के लिए चार्ज देना होगा। वहीं, पहले की तरह इन यूजर्स को कॉलिंग के लिए 250 मिनट प्रति दिन दिए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो बीएसएनएल जल्द ही अन्य प्रीपेड प्लान्स में अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा देगा।

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    भारत सरकार भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) को बंद नहीं करेगी। इन दोनों कंपनियों का विलय किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इसके रिवाइवल प्लान को मंजूरी दे दी है। दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि दोनो टेलीकॉम कंपनियों को न तो बंद किया जाएगा, ना ही विनिवेश किया जाएगा और ना ही इसको किसी तीसरे पक्ष को चलाने के लिए दिया जाएगा।

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    प्लान के मुताबिक एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय होगा। बीएसएनएल के कर्मचारियों के लिए वीआरएस योजना लाई जाएगी। बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 15 हजार करोड़ रुपये के सॉवरेन बॉन्ड लाए जाएंगे। 38 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां बेची जाएंगी। विलय प्रक्रिया पूरी होने तक एमटीएनएल, बीएसएनएल की सब्सिडियरी रहेगी। साथ ही बीएसएनएल-एमटीएनएल को 4जी स्पेक्ट्रम दिए जाने पर भी सहमति जताई गई है।

    दोनों कंपनियों की संपत्तियों को बेचने या फिर किराये पर देने के एक संयुक्त कमेटी बनाने को मंजूरी दे दी है। इस कमेटी में बीएसएनएल, दूरसंचार विभाग और विनिवेश विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले पांच सालों में 75 हजार रह जाएगी।

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