भारत में उत्पादन करेगी एपल, मिलेंगी नौकरियां, फिर से खुलेगा नोकिया का कारखाना

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि दिग्गज कंपनी एपल ने भारत में ही उत्पादन शुरू किया है। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब 60 हजार नए रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि एपल भारत में अपने आईफोन एक्सआर सहित अन्य मोबाइल के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा मोबाइल चार्जर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी सालकॉम्प ने भी चेन्नई के पास स्थित सेज में नोकिया के बंद पड़े कारखाने को खरीदने का समझौता किया है।
यह सौदा करीब 215 करोड़ रुपये का होगा। यह कंपनी आईफोन के लिए चार्जर आपूर्ति करती है। सालकॉम्प 10 साल से बंद पड़ी इस इकाई को दोबारा शुरू करेगी। चेन्नई स्थित यह कारखाना मार्च 2020 से शुरू होने की उम्मीद है। इस इकाई से चार्जर सहित अन्य मोबाइल उपकरण के उत्पादन की उम्मीद है। इसके विकसित करने के लिए कंपनी इसमें अगले पांच वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, नोकिया का कारखाना 10 साल से बंद है, जिसे फिर से शुरू किया जाएगा।
बढ़ेगा निर्यात और रोजगार
प्रसाद ने कहा कि कारखाना शुरू होने से प्रत्यक्ष रूप से 10 हजार नौकरियों का सृजन होगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से भी करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा देश का मोबाइल व अन्य उपकरणों का निर्यात भी 2019-20 में बढ़कर 1.6 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है।
ट्रेड वार का दिखा असर
दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार के कारण चीन में स्थित अमेरिकी कंपनियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन हालात में एपल धीरे-धीरे चीन से बाहर जगह ढूंढ रही है। अमेरिका में सैलकॉम्प के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने भारत में अपना बहुत बड़ा आधार तैयार किया है। श्रीपेरंबदुर के स्पेशल सेज में सैलकॉम्प की दो यूनिट पहले से काम कर रही है, जहां करीब 7,000 कर्मचारी हैं।
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