स्मार्टफोन और iPhone से बच्चे हो रहे बीमार, एप्पल करेगा रिसर्च

टेक डेस्क, अमर उजाला
Tue, 09 Jan 2018 04:02 PM IST
Apple to Do More to Protect Children From Smartphone Addiction
Smartphone Children Addiction

    आईफोन और स्मार्टफोन के इस्तेमाल से बच्चे बीमार हो रहे हैं। वे स्मार्टफोन की लत, मानसिक बीमारियों और शारीरिक समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। यह चेतावनी देते हुए एप्पल के दो बड़े निवेशकों ने कंपनी से कहा है कि आईफोन के इस्तेमाल से बच्चों की सेहत पर पढ़ने वाले प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया जाए। वरना इससे बच्चों के साथ कंपनी को भी भारी नुकसान पहुंचेगा।

    निवेशक कंपनी जाना पार्टनर्स एलएलसी और कैलिफोर्निया स्टेट टीचर रिटायरमेंट सिस्टम ने एप्पल को लिखे खुले खत में कहा है, कंपनी को बच्चों और युवाओं के लिए ज्यादा विकल्प और टूल तैयार करने चाहिए, जिससे वे गैजेट की लत से बच सकें। इन दोनों निवेशकों की एप्पल में दो अरब डॉलर की हिस्सेदारी है। इसलिए इनकी राय काफी मायने रखती है। दोनों निवेशकों ने एप्पल को सुझाव दिया है कि कंपनी विशेषज्ञों की समिति गठित करे, जिसमें बच्चों के विकास संबंधी विशेषज्ञ हों। शोधकर्ता ज्यादा से ज्यादा पहलुओं पर अध्ययन करें।

    आईफोन के साफ्टवेयर का विकास किया जाए, जिससे अभिभावकों के पास अपने बच्चों की सेहत के बचाव के ज्यादा विकल्प हों। अभिभावकों की मर्जी के बिना बच्चे स्मार्टफोन न चला पाएं। इस खत में कई शोध और सर्वे का हवाला देकर बताया गया है कि कैसे स्मार्टफोन और सोशल मीडिया बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

    सभी कंपनियों को करना चाहिए इस पर काम

    एप्पल लोगो
    एप्पल लोगो - फोटो : SELF

    स्मार्टफोन की लत ऐसी समस्या है जिससे हर कंपनी को निपटना होगा। युवा नए उपकरण को ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन स्मार्टफोन तो सर्वव्यापी हो गया है। पर सरकार और सिलिकॉन वैली को इसमें हस्तक्षेप पसंद नहीं है। फ्रांस ने प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में स्मार्टफोन पर पाबंदी लगा दी है। वहीं एंड्रॉयड के सह संस्थापक एंडी रूबिन फोन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे रोजमर्रा के काम स्वचालित तरीकों से हो जाएं।

    पहले से अभिभावकों के पास कई नियंत्रण

    एप्पल में आस्क टू बाई फीचर है। किसी सामान या सेवा की खरीद के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी होती है। कुछ एप, कंटेंट ओर डाटा पर भी पाबंदी लगाई जा सकती है। फोन के ज्यादा इस्तेमाल से गर्दन में दर्द, फोन पर मौजूद जीवाणु से संक्रमण, रेडिएशन के दुष्परिणाम, रात में इस्तेमाल से कम नींद आना, सुनाई कम देना और हर वक्त प्रयोग की लत जैसी कई बीमारियां हो रही हैं।

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