Apple: भारत में एपल की कामयाबी से गदगद हुए टिम कुक, कहा- 'मिडिल क्लास का बूम हमारे लिए एक बहुत बड़ा मौका'
iPhone Sales India:
एपल ने मार्च तिमाही में जबरदस्त रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसमें भारत की भूमिका खास रही। इसके बाद एपल के सीईओ टिम कुक ने भारत को एक बड़ा अवसर बताते हुए कंपनी के दोहरे अंकों में ग्रोथ दर्ज होने की जानकारी दी। जानिए कंपनी को लेकर टिम कुक ने और क्या-क्या जानकारी दी है...

विस्तार
Apple Revenue:
टेक दिग्गज कंपनी एपल ने एक बार फिर वैश्विक स्मार्टफोन और प्रीमियम टेक बाजार में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। मार्च 2026 तिमाही में रिकॉर्ड-तोड़ कमाई करने के बाद कंपनी के सीईओ टिम कुक का बयान सामने आया। बयान में उन्होंने देश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत एपल के लिए बहुत बड़ा अवसर बन चुका है। कंपनी यहां अपने भविष्य को लेकर काफी उत्साहित भी है।
एपल ने दूसरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 111.2 डॉलर बिलियन का तिमाही राजस्व दर्ज करते हुए न सिर्फ कुल रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाया, बल्कि भारत सहित लगभग सभी उभरते बाजारों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग, प्रीमियम डिवाइसों की बढ़ती मांग और नए ग्राहकों की संख्या एपल की सबसे बड़ी ताकत बन रही है।
टिम कुक ने क्यों कहा कि भारत सबसे बड़ा मौका?
टिम कुक ने एनालिस्ट्स के साथ बातचीत में कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार और तीसरा सबसे बड़ा पीसी बाजार बन चुका है। इसके बावजूद यहां एपल की बाजार हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम है। यही वजह है कि कंपनी भारत में लंबे समय की रणनीति पर काम कर रही है। टिम कुक ने साफ कहा कि हमने विकसित और उभरते दोनों बाजारों में मार्च तिमाही के रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किए। भारत समेत लगभग सभी उभरते बाजारों में हमने डबल डिजिट ग्रोथ देखी है। इसलिए कुल मिलाकर, मैं भारत को लेकर बेहद उत्साहित हूं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में एपल के यूजर बहुत तेजी से बढ़ रहे हें। जिसे कंपनी विशाल अवसर के रूप में देख रही है।
भारत में खुल सकता है छठा एपल स्टोर
भारत में शानदार मजबूती के बाद एपल अब देश में अपनी रिटेल मौजूदगी को विस्तार देने की तैयारी में है। टिम कुक ने बातों ही बातों में इशारा किया कि वे भारत में अपना छठा एपल स्टोर खोल सकती है। इसके पीछे की वजह एपल की भारत में बदलती रणनीति मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि जहां पहले कंपनी केवल प्रीमियम आयातित डिवाइस पर ही निर्भर थी, वहीं अब वह भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल एक्सपेंशन और सर्विस नेटवर्क पर तेजी से निवेश कर रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन पर बढ़ती निर्भरता कम करने और एशियाई बाजारों में विस्तार के लिए भारत एपल की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक कड़ी बन चुका है।
सबसे ज्यादा कमाई किससे हुई?
मार्च तिमाही में एपल की सबसे बड़ी कमाई iPhone से हुई। कंपनी ने बताया कि आईफोन से कुल 57 अरब डॉलर का रेवेन्यू आया, जो पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। इस जबरदस्त बढ़ोतरी की मुख्य वजह नई iPhone-17 सीरीज को माना जा रहा है, जिसे वैश्विक बाजारों में शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
इन देशों में भी हुई जबरदस्त बिक्री
एपल के सीएफओ केवन पारेख ने कहा कि अमेरिका, लैटिन अमेरिका, ग्रेटर चीन, पश्चिमी यूरोप, भारत, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित लगभग सभी प्रमुख बाजारों में आईफोन बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई। भारत में खासतौर पर प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में आईफोन की मांग लगातार बढ़ रही है। बाजार एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारतीय युवा और बढ़ता उच्च-मध्यम वर्ग अब एपल को स्टेटस और प्रीमियम टेक्नोलॉजी के प्रतीक के रूप में देख रहा है।
Mac और iPad में जोरदार उछाल
एपल ने मैक में भी जबरदस्त बिक्री की। मार्च तिमाही में मैक से 8.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू हासिल हुआ, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी ने इसका श्रेय नए लॉन्च किए गए मैकबुक निओ जैसे प्रोडक्ट्स को दिया। एपल का कहना है कि भारत और इंडोनेशिया जैसे उभरते बाजारों में मैक कैटेगरी में भी डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। वहीं, आईपैड कैटेगरी में भी एपल ने मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में आईपैड खरीदने वाले आधे से ज्यादा ग्राहक पहली बार यह डिवाइस खरीद रहे थे। एपल ने कहा कि भारत, मेक्सिको और थाईलैंड जैसे बाजारों में आईपैड से होने वाली कमाई में भी दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
भारत क्यों बन रहा है एपल का फोकस?
भारत एपल के लिए कई कारणों से अहम बनता जा रहा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है। यहां हर साल करोड़ों नए यूजर्स डिजिटल इकोसिस्टम से जुड़ रहे हैं। इसके अलावा देश में करोड़ों लोग तेजी से प्रीमियम उपभोक्ता वर्ग में शामिल हो रहे हैं, जो एपल जैसे हाई-एंड ब्रांड्स की मांग बढ़ा रहे हैं।
मैन्युफैक्चरिंग भी एक बड़ी वजह
इसके अलावा लोकल मैन्युफैक्चरिंग भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। एपल अब भारत में आईफोन असेंबलिंग और सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा विकसित कर रहा है। इससे लागत कम होने और बाजार में पकड़ मजबूत होने की संभावना है। साथ ही एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन जोखिमों के चलते एपल अब चीन के विकल्प के रूप में भारत को तेजी से विकसित कर रहा है। खास बात यह भी रही कि इस तिमाही की कमाई रिपोर्ट में एपल के वरिष्ठ अधिकारी जॉन टर्नस भी पहली बार प्रमुख भूमिका में दिखाई दिए।
एपल ने टॉप-5 ब्रांड्स में बनाई जगह
आईडीसी इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, एपल ने कैलेंडर वर्ष 2025 में पहली बार भारत के स्मार्टफोन बाजार में टॉप-5 ब्रांड्स में जगह बनाई। कंपनी ने इस दौरान करीब 14.5 मिलियन आईफोन बेचे, जो भारत में बिके कुल 152 मिलियन स्मार्टफोन्स का लगभग 9.5% हिस्सा है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार माना जा रहा है, जिसकी सालाना बिक्री 43 अरब डॉलर से ज्यादा मानी जाती है। बढ़ती मांग और प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में मजबूत पकड़ के दम पर एपल ने 2025 में राजस्व हिस्सेदारी (Revenue Share) के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया।
रिसर्चर का क्या कहना है?
काउंटरप्वाइंट रिसर्च इंडिया के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का कहना है कि एपल लगातार तीसरी तिमाही में भारत में वैल्यू के आधार पर अग्रणी कंपनी रही है। कंपनी का वैल्यू शेयर 25% से ज्यादा और वॉल्यूम शेयर करीब 9% रहा। उन्होंने बताया कि आईफोन 17 सीरीज की मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को गति दी। उन्होंने यह भी कहा कि एपल की सफलता सिर्फ आईफोन तक सीमित नहीं है। Mac और iPad कैटेगरी में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। भारत में एपल ब्रांड की एस्पिरेशनल वैल्यू पहले से ज्यादा बढ़ी है और बड़ी संख्या में नए यूजर्स एपल इकोसिस्टम से जुड़ रहे हैं। हालांकि एपल लगातार आठवें साल भारत में ग्रोथ दर्ज कर रहा है, लेकिन अब कंपनी की सालाना वृद्धि दर धीमी पड़ने लगी है।
क्या कहती हैं रिपोर्ट्स
आईडीसी और काउंटरप्वाइंट के अनुमान के अनुसार, 2026 में आईफोन बिक्री करीब 16 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकती है। 2019 से तुलना करें तो भारत में आईफोन बिक्री केवल 1.5 मिलियन यूनिट थी। इसके बावजूद 2026 में एपल की वार्षिक ग्रोथ लगभग 12% रहने का अनुमान है, जो पिछले आठ वर्षों में सबसे धीमी मानी जा रही है। 2025 में भारत के 48 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में आईफोन का योगदान लगभग 50% रहा।