वेबसाइट खोलते ही कुकीज पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी: ट्रैक हो सकती है ऑनलाइन एक्टिविटी, कैसे रहें सुरक्षित?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Fri, 23 Oct 2026 08:51 PM IST
सार

-कुकीज ब्राउजर में छोटी टेक्स्ट फाइल होती हैं।

-ये वेबसाइट की कुछ जानकारियां याद रखती हैं।

-सभी कुकीज का काम एक जैसा नहीं होता।

-ब्राउजर सेटिंग्स से थर्ड-पार्टी कुकीज ब्लॉक कर सकते हैं।

Accept All Cookies? Here How Your Online Privacy Risk
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    अक्सर इंटरनेट पर कोई भी वेबसाइट खोलते ही स्क्रीन पर एक्सेप्ट ऑल कुकीज और रिजेक्ट ऑल जैसे विकल्प दिखाई देते हैं। कई लोग बिना ज्यादा सोचे इनमें से किसी एक पर क्लिक कर देते हैं। वहीं, बार-बार पॉपअप आने से परेशान होकर कुछ यूजर सभी कुकीज को स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप किस तरह की कुकीज को अनुमति दे रहे हैं। कुछ कुकीज वेबसाइट को ठीक से चलाने में मदद करती हैं, जबकि कुछ आपकी ब्राउजिंग से जुड़ी जानकारी जुटाने या विज्ञापन दिखाने के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं। ऐसे में हर बार बिना सोचे एक्सेप्ट ऑल पर क्लिक करना आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी के लिहाज से सही विकल्प नहीं है।

    कुकीज क्या हैं और कैसे काम करती हैं?

    • जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो वह आपके ब्राउजर में छोटी टेक्स्ट फाइल सेव कर सकती है। इन्हें कुकीज यानी कुकीज कहा जाता है। इनकी मदद से वेबसाइट आपकी कुछ जानकारियां याद रख सकती है, जिससे अगली बार उसका इस्तेमाल करना आसान हो जाता है।
    • जैसे मान लीजिए, कुकीज की मदद से वेबसाइट आपकी लॉगिन स्थिति, भाषा की पसंद या शॉपिंग कार्ट में रखे सामान की जानकारी याद रख सकती है। इससे हर बार वेबसाइट खोलने पर आपको सारी सेटिंग्स दोबारा नहीं करनी पड़तीं।
    • हालांकि, सभी कुकीज का काम एक जैसा नहीं होता। कुछ वेबसाइट के जरूरी फीचर्स चलाने के लिए इस्तेमाल होती हैं, जबकि दूसरी कुकीज वेबसाइट के इस्तेमाल से जुड़े आंकड़े जुटा सकती हैं। वहीं, कुछ विज्ञापन कुकीज अलग-अलग वेबसाइटों पर आपकी गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद कर सकती हैं।

    हर वेबसाइट पर कुकीज का एक्सेप्ट करना क्यों हो सकता है नुकसानदेह?

    • हां...किसी वेबसाइट पर एक्सेप्ट ऑल कुकीज का विकल्प चुनने से जरूरी कुकीज के अलावा गैर-जरूरी कुकीज भी सक्रिय हो सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वेबसाइट किन कुकीज का इस्तेमाल करती है और उसके सहमति विकल्प कैसे काम करते हैं।
    • कुछ कुकीज आपकी पसंद याद रखने तक सीमित रहती हैं, जबकि विज्ञापन और ट्रैकिंग से जुड़ी कुकीज आपकी ब्राउजिंग गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में मदद कर सकती हैं। इस जानकारी का इस्तेमाल आपकी पसंद के अनुसार विज्ञापन दिखाने के लिए किया जा सकता है।
    • इसका मतलब यह नहीं है कि हर कुकीज आपकी निजी जानकारी चुराती है या हर वेबसाइट आपकी गतिविधियों को ट्रैक करती है। लेकिन बिना विकल्पों को समझे सभी कुकीज स्वीकार करने से आप जरूरत से ज्यादा डेटा इकट्ठा करने की अनुमति दे सकते हैं। इसलिए कुकीज के पॉपअप पर सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।

    वेबसाइट पर कितने तरह की कुकीज होती हैं?

    वेबसाइट पर इस्तेमाल होने वाली कुकीज को उनके काम के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकता है। आम तौर पर इनमें ये चार तरह की कुकीज शामिल होती हैं।

    1. एसेंशियल कुकीज:

    ये वेबसाइट के जरूरी कामों के लिए इस्तेमाल होती हैं। जैसे मान लीजिए, लॉगिन बनाए रखने या वेबसाइट के सुरक्षित फीचर्स चलाने में इनका रोल हो सकता है। कई वेबसाइट्स पर इन्हें बंद करने का विकल्प नहीं मिलता, क्योंकि इनके बिना कुछ सुविधाएं काम नहीं कर पातीं।

    2. फंक्शनल कुकीज:

    ये वेबसाइट को आपकी पसंद याद रखने में मदद करती हैं। जैसे भाषा, क्षेत्र या दूसरी सेटिंग्स को याद रखना, ताकि अगली बार वेबसाइट इस्तेमाल करना आसान हो।

    3. एनालिटिक्स कुकीज

    : इनका इस्तेमाल यह समझने के लिए किया जा सकता है कि लोग वेबसाइट पर किन पेजों को देखते हैं और किन सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। इससे वेबसाइट चलाने वालों को अपनी सेवाओं में सुधार करने में मदद मिलती है।

    4. विज्ञापन कुकीज:

    ये आपकी रुचियों और ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर विज्ञापन दिखाने में मदद कर सकती हैं। कुछ मामलों में इनका इस्तेमाल अलग-अलग वेबसाइट्स पर ब्राउजिंग गतिविधियों को जोड़कर देखने के लिए भी किया जाता है। यहां पर ध्यान रहे कि कुकीज की श्रेणियां और उनके नाम हर वेबसाइट पर एक जैसे नहीं होते। इसलिए सहमति देने से पहले वेबसाइट पर दिए गए विवरण को पढ़ना बेहतर है।

    कुकिज के जरिए ऑनलाइन ट्रैकिंग कैसे कम करें?

    कुकीज का पॉपअप दिखने पर तुरंत एक्सेप्ट ऑल पर क्लिक करने के बजाय कुछ आसान कदम अपना सकते हैं।

    • मैनेज प्रीफरेंस या कस्टमाइज विकल्प देखें:अगर वेबसाइट पर ये विकल्प मौजूद हैं, तो इनके जरिए कुकीज की अलग-अलग श्रेणियों को समझ सकते हैं। गैर-जरूरी विज्ञापन या ट्रैकिंग कुकीज को बंद करने का विकल्प मिल सकता है।
    • जरूरी कुकीज को समझकर अनुमति दें:वेबसाइट के कुछ फीचर्स के लिए जरूरी कुकीज की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, दूसरी कुकीज को स्वीकार करना वेबसाइट की सुविधाओं और आपकी पसंद पर निर्भर करता है।
    • थर्ड-पार्टी कुकीज ब्लॉक करें:कई ब्राउजर में थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करने की सुविधा मिलती है। इससे कुछ तरह की क्रॉस-साइट ट्रैकिंग कम हो सकती है। हालांकि, कुछ वेबसाइटों के फीचर्स पर इसका असर पड़ सकता है।
    • समय-समय पर पुरानी कुकीज हटाएं:ब्राउजर की सेटिंग्स में जाकर सेव की गई कुकीज और वेबसाइट डेटा हटाया जा सकता है। ध्यान रखें कि ऐसा करने पर कुछ वेबसाइटों से लॉगआउट होना पड़ सकता है और आपकी सेव की गई पसंद भी हट सकती है।
    • प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करें:अपने ब्राउजर की प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स देखें। जरूरत के मुताबिक ट्रैकिंग सुरक्षा और कुकीज से जुड़े विकल्पों को बदलें।

    क्या कुकीज को हमेशा रिजेक्ट कर देना चाहिए?

    नहीं, हर बार सभी कुकीज को अस्वीकार करना भी जरूरी नहीं है। कुछ कुकीज वेबसाइट को ठीक से चलाने, लॉगिन बनाए रखने और आपकी पसंद याद रखने में मदद करती हैं। सही तरीका यह है कि आप कुकीज के प्रकार और उनके इस्तेमाल को समझकर फैसला लें।

    अगर वेबसाइट गैर-जरूरी कुकीज के लिए अलग विकल्प देती है, तो अपनी जरूरत के हिसाब से उन्हें बंद कर सकते हैं। इससे वेबसाइट की जरूरी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन ट्रैकिंग को कम करने में मदद मिल सकती है।

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