फेसबुक के 'वी थिंक डिजिटल' प्रोग्राम के तहत भारत में एक लाख महिलाओं को मिली डिजिटल ट्रेनिंग

फेसबुक के वी थिंक डिजिटल कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और साइबर पीस फाउंडेशन के सहयोग से 1,00,000 से अधिक महिलाओं को एक साल की तय समय सीमा के भीतर प्रशिक्षित किया गया है। पिछले साल सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इसकी जानकारी फेसबुक ने सेफर इंटरनेट डे 2021 के मौके पर दी है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केरल, उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों की 1,00,000 महिलाओं को ऑनलाइन संसाधनों और शिकायत सुलझाने वाले तंत्र का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए उन्हें डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण प्रदान करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम को डिजिटल साक्षरता और नागरिकता पर ध्यान केंद्रित करने, गोपनीयता, सुरक्षा और गलत सूचना जैसी समस्याओं का हल प्रदान करने के उद्देश्य के साथ डिजाइन किया गया है।
डिजिटल साक्षरता इंटरनेट के उपयोग से आगे की चीज है और यह सूचना एवं संचार तकनीक का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करती है।
राष्ट्रीय महिला आयोग का मानना है कि महिलाओं को अपनी राय स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने और अपनी डिजिटल भागीदारी बढ़ाने के लिए एक सुरक्षित इंटरनेट स्पेस की जरूरत है। महिलाएं अक्सर खुद को ऑनलाइन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का पीड़ित महसूस करती हैं, इसलिए, जिम्मेदारी के साथ ऑनलाइन व्यवहार करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना और सचेत करना बेहद जरूरी है।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, 'इस कार्यक्रम ने ऑनलाइन क्षेत्र के जोखिमों के बारे में महिलाओं को सशक्त और संवेदनशील बनाते हुए उन्हें नेतृत्व भूमिका प्रदान करने में सफलतापूर्वक मदद की है। प्रोजेक्ट ने महिलाओं को साइबर अपराध से लड़ने की ताकत दी है और उन्हें इन अपराधों से निपटने के लिए उपलब्ध ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी भी दी है। हमें यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि सेफर इंटरनेट डे पर, प्रोजेक्ट ने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया है और यह प्रोजेक्ट आगे भी महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करना जारी रखेगा।'
2019 में लॉन्च किया गया फेसबुक का वी थिंक डिजिटल अभियान एक वैश्विक डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग बढ़ाने और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्हें प्रशिक्षित और सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, यूजर्स को शिक्षित किया जाता है ताकि वे वेब-आधारित टूल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित हों।
इसके तहत उनमें यह क्षमता विकसित की जाती है कि वे जो कुछ भी ऑनलाइन देखती हैं, उसके बारे में गंभीरता से विचार करने की क्षमता उनमें विकसित हो, साथ ही हानिकारक सामग्री की वे रिपोर्ट कर सकें और सम्मानपूर्वक अपनी बात रख सकें। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) और फेसबुक के बीच ये साझेदारी अपने दूसरे वर्ष में है और हाल ही में कोविड-19 के कारण प्रशिक्षण ने डिजिटल स्वरूप अपनाया है।
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