Facebook का यह फैसला राजनीतिक पार्टियों की नाक में करेगा दम

टेक डेस्क, अमर उजाला
Sat, 07 Apr 2018 04:23 PM IST
Facebook now require political advertisers to verify their identity
mark zuckerberg

    करीब 5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के डाटा लीक होने के बाद फेसबुक ने एक के बाद एक कई फैसले लिए हैं। डाटा लीक के बाद फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने माफी भी मांगी और फिर कहा कि इंसान से गलती होती है, उन्हें एक और मौका दिया जाए। वहीं अब मार्क जुकरबर्ग ने शुक्रवार को दो कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी जुकरबर्ग ने फेसबुक पोस्ट के जरिए दी है।

    उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘अगले साल अमेरिका, मेक्सिको, ब्राजील, भारत और पाकिस्तान जैसे कई देशों में चुनाव होने वाले हैं। अगामी चुनावों के लिए हम सुनिश्चित करना चाहते हैं फेसबुक निष्पक्ष रहे और इन चुनावों में हमारी ओर से किसी भी प्रकार का कोई हस्तक्षेप ना हो। 2016 में रूस में हुए चुनाव के बाद हमने कई सारे बदलाव किए हैं। हमने आर्टिफिशियल टूल को भी डेवलप किया है जिसके जरिए कई फर्जी पेज और अकाउंट को हटाया गया। अब हम दो और बड़े कदम उठाने जा रहे हैं।’

    बिना वेरिफिकेशन का नहीं मिलेगा राजनीतिक विज्ञापन

    facebook
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    फेसबुक ने अपने फैसले में साफ-साफ कहा है कि अगर कोई भी फेसबुक पर राजनीतिक विज्ञापन देना चाहता है तो उसे पहले अपना वेरिफिकेशन कराना होगा। वेरिफिकेशन के दौरान विज्ञापनदाता से उसकी लोकेशन, पहचान आदि की जानकारी ली जाएगी। अगर कोई विज्ञापनदाता इन शर्तों को पूरा नहीं कर पाता है तो उसका विज्ञापन किसी भी सूरत में फेसबुक पर नहीं दिखाया जाएगा। इसकी शुरुआत जल्द ही अमेरिका से होने वाली है।

    राजनीतिक पार्टियों के फेसबुक पेज भी कराना होगा वेरिफाई

    फेसबुक ने कहा है कि फर्जी पेज पर लगाम लगाने के लिए हमने यह कदम उठाया है। बड़ी राजनीतिक पार्टियों के पेज और ज्यादा लाइक्स वाले पेज का भी वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, नहीं तो कंपनी ऐसे पेज को डिलीट कर देगी या फिर प्रमोट नहीं करेगी। इसके लिए कंपनी नए लोगों की भर्ती भी करने जा रही है।

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