हैकिंग और डाटा लीक पर जूम एप के सीईओ ने कहा- जल्द उठाएंगे कड़े कदम

प्रदीप पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Fri, 17 Apr 2020 03:12 PM IST
Zoom CEO responds to security and privacy concerns says we are working to fix it
zoom app - फोटो : zoom app

    वीडियो काफ्रेंसिंग मंच जूम ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के दौरान उसका इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा में चूक को लेकर हो रही आलोचनाओं को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

    जूम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक युआन ने बुधवार को उन कदमों की जानकारी दी जो कंपनी डाटा हैकिंग और किसी व्यक्ति द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग कॉल में जबरन घुसपैठ करने यानी ‘‘जूमबॉम्बिंग’’ से होनी वाली परेशानियों के खिलाफ कंपनी उठा रही है।

    इस सप्ताह के अंत तक पैसा देने वाले उपयोगकर्ता यह चुन सकेंगे कि उनका डाटा किस क्षेत्र से गुजरेगा। इस कदम का मकसद उन चिंताओं को दूर करना है कि चीन से गुजरने वाले डाटा में ताकझांक हो सकती है।

    जूम ने एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा, ‘‘चीन में बैठक के सर्वरों का मकसद हमेशा यह सुनिश्चित करना होता है कि उपयोगकर्ताओं के चीन से बाहर होने वाली बैठक के आंकड़ें चीन के बाहर ही रहे।’’

    सिलिकॉन वैली के इस स्टार्टअप ने यह भी कहा कि वह कमियों का पता लगाने के लिए साइबर सुरक्षा कंपनी लूटा सिक्योरिटी और उसके बग बाउंटी कार्यक्रम के साथ काम रही है जो उन शोधकर्ताओं को इनाम देती है जो उसके काम में सुरक्षा संबंधी कमियों का पता लगाते हैं। जूम ने हाल ही में आई उस खबर पर बात की जिसमें कहा गया कि अपराधी उपयोगकर्ताओं की लॉग-इन सूचना डार्क वेब पर बेच रहे हैं।

    जूम ने कहा कि वह ऐसी प्रणाली बनाने पर काम कर रहा है जिसमें यह पता चल जाए कि क्या लोग यूजरनेम और पासवर्ड चोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। जूम की सुरक्षा में किए गए सुधार में ऐसे टूलबार भी शामिल है जिसमें अजनबियों के लिए चैट को लॉक करने तथा बैठक करने संबंधी पासवर्ड आवश्यकताओं को डिफॉल्ट सेटिंग बनाया जा सकता है।

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