साइबर अपराधी पिछले कुछ समय में ई-मेल हैक कर कई खातों से रकम उड़ाने की वारदात कर चुके हैं। ताजनगरी के कारोबारी इनके शिकार हुए हैं। ऐसे में जरूरी हो गया है सावधान रहना। अगर साइबर एक्सपर्ट की सलाह पर अमल किया जाए तो ई-मेल हैकिंग से बचना बहुत मुश्किल नहीं है। जानिए कैसे...
साइबर अपराधी तीन तरह के अपराध कर रहे हैं। विशिंग यानी फोन पर मोबाइल टावर लगाने के बदले लाखों देने जैसे लालच देकर ठगना। फिशिंग यानी हैकिंग और स्पूफिंग से जाल बिछाकर शिकार फंसाना और इस्मिसिंग यानी एसएमएस से लालच देकर ठगना। इनमें पिछले दिनों में फिशिंग काफी हुई है। अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी से करते हैं तो हैकिंग और स्पूफिंग दोनों से बचा जा सकता है। अगली स्लाइड में पढ़ें ईमेल स्पूफिंग के बारे में...
रेंज साइबर सेल के प्रभारी संजीव कटियार बताते हैं कि ई-मेल स्पूफिंग ज्यादातर व्यापारियों के साथ होती है। अपराधी उनकी ई-मेल आईडी हैक करके उसमें फिल्टर लगाकर मिडिएटर (मध्यस्थ) का कार्य करते हैं। प्रॉक्सी सर्वर से उसी मेल आईडी से मेल प्रेषित करते हैं। इसमें खाता संख्या बदल देते हैं और जो व्यापारी किसी और के खाते में रकम भेजता है, वह अपराधी के खाते में चला जाता है।
इसके लिए जरूरी है कि लेन देन में इस्तेमाल खातों का विवरण रखा जाए। अगर किसी मेल में इनसे इतर खाता मिले तो कैश ट्रांजेक्शन से पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर बात जरूर कर लें। साफ हो जाएगा कि उसने नया खाता दिया है या यह साइबर अपराधी की करतूत है। ऐसे बचें कॉल स्पूफिंग से...
कॉल स्पूफिंग में आपके मोबाइल की स्क्रीन पर जो नंबर नजर आता है, वह आपके किसी परिचित का हो सकता है। अगर आपसे किसी खाते में पैसा जमा कराने या मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए कहा जाता है, तो एक बार कॉल बैक कर लीजिए। अगर स्पूफ कॉल होगी तो कॉल नहीं हो पाएगी। पढ़िए आगे... लालच में आओगे, तो फंस जाओगे