Mobile Video Recording Police Station: अक्सर पुलिस स्टेशन जाने पर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या वे अपने बचाव या सबूत के तौर पर थाने के अंदर अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना सकते हैं। सामान्य तौर पर, पुलिस थाने के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से वीडियो बनाना कोई अपराध नहीं है, मगर वीडियो बनाते समय की एक छोटी सी गलती भी आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
कई अदालती फैसलों में यह साफ किया गया है कि पुलिस स्टेशन कोई पूरी तरह से सीक्रेट या प्रतिबंधित जगह नहीं है, बल्कि यह एक सार्वजनिक दफ्तर है। आइए इस लेख में समझते हैं कि थाने के भीतर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने को लेकर कानून और नियम क्या कहते हैं।
2 of 5
पुलिस स्टेशन नहीं है प्रतिबंधित क्षेत्र
- फोटो : AI
पुलिस स्टेशन नहीं है प्रतिबंधित क्षेत्र
- बॉम्बे और गुजरात हाईकोर्ट सहित देश की कई प्रमुख अदालतों ने अपने ऐतिहासिक फैसलों में स्पष्ट किया है कि पुलिस स्टेशन कोई गोपनीय क्षेत्र नहीं है।
- यह आम जनता की सेवा के लिए बना एक सार्वजनिक कार्यालय है। इसलिए सिर्फ थाने के अंदर वीडियो रिकॉर्ड करने मात्र से कोई व्यक्ति अपराधी नहीं बन जाता और न ही यह अपने आप में कोई गैरकानूनी काम है।
3 of 5
सरकारी काम में बाधा डालने से बचें
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी काम में बाधा डालने से बचें
- वीडियो रिकॉर्डिंग करते समय इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए कि पुलिस अधिकारियों के कामकाज में कोई रुकावट न आए।
- अगर आपकी रिकॉर्डिंग की वजह से किसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी प्रभावित होती है, तो पुलिस आपके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने की धारा के तहत कार्रवाई कर सकती है।
- इसलिए रिकॉर्डिंग हमेशा दूर खड़े होकर शांति से ही करनी चाहिए।
4 of 5
गोपनीयता और सुरक्षा नियमों का पालन
- फोटो : Adobe Stock
गोपनीयता और सुरक्षा नियमों का पालन
- थाने के भीतर सुरक्षा और दूसरों की निजता का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
- मालखाना जहां हथियार रखे होते हैं, अतिसंवेदनशील कागजात, या थाने में मौजूद किसी महिला की गोपनीयता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
- ऐसी संवेदनशील जगहों या व्यक्तियों का वीडियो बनाना कानूनन गलत माना जा सकता है और इससे आपके खिलाफ कानूनी समस्या पैदा हो सकती है।
5 of 5
सबूत जुटाने का संवैधानिक अधिकार
- फोटो : AI
सबूत जुटाने का संवैधानिक अधिकार
- अगर थाने में कोई पुलिसकर्मी आपसे रिश्वत मांग रहा है, बदतमीजी कर रहा है या शिकायत दर्ज करने से मना कर रहा है, तो आप अपने बचाव के लिए वीडियो बना सकते हैं।
- पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए शांतिपूर्वक सबूत जुटाना नागरिक के अधिकारों का हिस्सा माना जाता है।
- सही तरीके से बनाया गया वीडियो कोर्ट में मजबूत सबूत बनता है।