अपनी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए हममें से अधिकतर लोग सभी बैंक खाते में पैसे जमा करते हैं। मगर अक्सर लोग खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी दर्ज कराना भूल जाते हैं या इसे गैर-जरूरी समझकर टाल देते हैं। बता दें कि नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाताधारक की मृत्यु के बाद खाते में जमा राशि प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिलता है।
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Nominee Rules: बैंक खाते में नॉमिनी नहीं है तो परिवार को क्या परेशानी हो सकती है? जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें
Thu, 20 Aug 2026 06:15 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Thu, 20 Aug 2026 06:15 PM IST
Bank Account Nomination Importance: अक्सर लोग नया बैंक खाता खोलते समय नॉमिनी दर्ज कराना भूल जाते हैं या इसे टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक अकाउंट में नॉमिनी का होना कितना जरूरी है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि खाते में नॉमिनी जोड़ना क्यों आवश्यक है और इसके क्या फायदे हैं।
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बैंक खाता नॉमिनी
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पैसे निकालने में लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया
- फोटो : AdobeStock
पैसे निकालने में लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया
- अगर बैंक खाते में नॉमिनी पंजीकृत नहीं है और खाताधारक का निधन हो जाता है, तो बैंक परिवार के सदस्यों को सीधे पैसे नहीं सौंपता है।
- ऐसे में कानूनी वारिसों को कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या राजस्व विभाग से कानूनी वारिस प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है।
- इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने में महीनों का लंबा समय और काफी ज्यादा कानूनी खर्च लग जाता है।
आपात स्थिति में आर्थिक तंगी का सामना
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आपात स्थिति में आर्थिक तंगी का सामना
- परिवार का मुख्य कमाने वाला व्यक्ति जब नहीं रहता, तब परिवार को पैसों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
- मगर बैंक खाते में नॉमिनी न होने के कारण खाते में जमा राशि तब तक फ्रीज रहती है जब तक सभी कागजात जमा न हो जाएं।
- इस वजह से मृतक पर आश्रित परिजनों को तत्काल इलाज, बच्चों की फीस या घर के दैनिक खर्चों के लिए काफी आर्थिक संकट और भटकन का सामना करना पड़ सकता है।
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पारिवारिक विवाद और आपसी मतभेद की संभावना
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पारिवारिक विवाद और आपसी मतभेद की संभावना
- जब खाते में किसी एक व्यक्ति को नॉमिनी नहीं बनाया गया होता है, तो जमा रकम पर दावा करने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों या रिश्तेदारों के बीच विवाद पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है।
- बैंक ऐसी स्थिति में तब तक भुगतान नहीं करता जब तक परिवार के सभी वैध उत्तराधिकारी एक राय होकर अनापत्ति प्रमाण पत्र न दें या कोई कोर्ट का फैसला न आ जाए।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन नॉमिनी जोड़ने की आसान प्रक्रिया
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ऑनलाइन और ऑफलाइन नॉमिनी जोड़ने की आसान प्रक्रिया
- इन सभी संभावित परेशानियों से अपने परिवार को बचाने के लिए बैंक खाते में नॉमिनी दर्ज कराना बेहद आसान है।
- आप अपने बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर 'फॉर्म डीए-1' भरकर जमा कर सकते हैं।
- इसके अलावा, आजकल लगभग सभी प्रमुख बैंक इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग एप के माध्यम से घर बैठे भी नॉमिनी जोड़ने या बदलने की सुविधा देते हैं।