PM Kisan Installment Delayed Reason: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी देश के पात्र किसानों को आर्थिक मदद देने वाली केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसके तहत पात्र किसान परिवार को साल में 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। यह पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। हालांकि, किस्त मिलने की प्रक्रिया में आधार से जुड़ी जानकारी, बैंक डिटेल, जमीन का रिकॉर्ड और e-KYC जैसी कई चीजों की भूमिका होती है।
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पीएम किसान आवेदन के समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, तीसरी गलती से तो किस्त अटकना तय है!
Sun, 30 Aug 2026 10:58 AM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sun, 30 Aug 2026 10:58 AM IST
PM Kisan Application Mistakes: कई बार ऐसा होता है कि लोग पीएम किसान योजना में आवेदन करते समय कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे उनकी किस्त रुक जाती है। आइए इस लेख में कुछ चार महत्वपूर्ण गलतियों के बारे में विस्तार से समझते हैं।
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पीएम किसान आवेदन की गलतियां
- फोटो : AI
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आवेदन में नाम और आधार कार्ड की स्पेलिंग में अंतर होना
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आवेदन में नाम और आधार कार्ड की स्पेलिंग में अंतर होना
- पीएम किसान पोर्टल पर भरा गया नाम और आपके आधार कार्ड पर दर्ज नाम के अक्षरों में जरा सा भी फर्क नहीं होना चाहिए।
- अगर आपके बैंक पासबुक, आधार कार्ड और आवेदन पत्र में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग होगी, तो सिस्टम आपके डेटा को तुरंत रिजेक्ट कर देगा।
- इस गलती को ठीक करने के लिए पीएम किसान पोर्टल के 'Edit Aadhaar Failure Records' विकल्प पर जाकर अपना नाम सही कर लें।
- हमेशा ध्यान रखें कि हिंदी या अंग्रेजी में नाम लिखते समय वही स्पेलिंग दें जो आपके मूल आधार कार्ड पर छपी है।
बैंक खाते का डीबीटी और एनपीसीआई से लिंक न होना
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बैंक खाते का डीबीटी और एनपीसीआई से लिंक न होना
- केंद्र सरकार पीएम किसान का पैसा सीधे 'आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम' से डीबीटी के जरिए ही किसानों के खातों में भेजती है।
- अगर आपका बैंक खाता एनपीसीआई से मैप नहीं है, तो आपकी किस्त रिलीज होने के बावजूद खाते में जमा नहीं हो पाएगी।
- अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाएं और बैंक अधिकारी से अपने खाते को एनपीसीआई मैपिंग और डीबीटी के लिए लिंक करवाएं।
- इसके अलावा आवेदन के समय अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड को अच्छे से तरह से मिलान कर लें।
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PM Kisan Yojana
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लैंड सीडिंग का नो होना
- पीएम किसान के लिए किसान की पात्रता तय करने में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं।
- नए नियमों के तहत आपके खसरा-खतौनी का सत्यापन होना अनिवार्य है, पोर्टल पर 'लैंड सीडिंग स्टेट्स' Yes होना चाहिए।
- अगर पोर्टल पर लैंड सीडिंग या जमीन से जुड़ी जानकारी में समस्या दिखाई देती है, तो उसे नजरअंदाज न करें।
- इसे ठीक कराने के लिए अपनी जमीन के दस्तावेजों (खतौनी) की फोटोकॉपी लेकर हलका पटवारी या जिला कृषि अधिकारी के पास जमा करें।
- कृषि विभाग द्वारा जमीन के रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन होने के बाद ही यह स्टेटस 'No' से 'Yes' में अपडेट होगा।
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ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा न करना या अधूरा छोड़ना
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ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा न करना या अधूरा छोड़ना
- इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य होता है।
- अपने मोबाइल नंबर पर आधार ओटीपी के जरिए या सीएससी सेंटर पर जाकर फिंगरप्रिंट देकर बायोमेट्रिक केवाईसी जरूर कराएं।
- अगर आपका आधार कार्ड आपके चालू मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो ई-केवाईसी की प्रक्रिया बीच में ही अटक जाती है।
- आवेदन करने के बाद पीएम किसान वेबसाइट के 'नो योर स्टेट्स' सेक्शन में जाकर अपना ई-केवाईसी और डीबीटी स्टेटस जरूर चेक करें।