क्या वास्तव में आपको वायरलेस चार्जिंग की जरूरत है?

एपल और सैमसंग जैसी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने स्मार्टफोन के साथ वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट दे रही हैं। सैमसंग ने तो हाल ही में वायरलेस चार्जिंग वाला पावरबैंक भी पेश किया है। एपल, सैमसंग के अलावा हुवावे और शाओमी जैसी कंपनियों के प्रोडक्ट्स में भी वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिल रहा है। वहीं Mophie और Anker जैसी कंपनियां वायरलेस चार्जर पेश कर रही हैं। वायरलेस चार्जिंग के चक्कर में अधिकतर गैजेट ग्लास बॉडी के साथ लॉन्च हो रहे हैं, क्योंकि ग्लास के जरिए ऊर्जा का स्थानांतरण बिना तार संभव है। वारयरेस चार्जिंग तकनीक के तहत मैग्नेटिक इंडक्शन में इलेक्ट्रिकल करंट के जरिए मैग्नेटिक फिल्ड का निर्माण होता है और इससे वायरलेस ऊर्जा पैदा होती है जो कि आपके फोन और स्मार्टवॉच को चार्ज करती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में हमें वायरलेस चार्जिंग की जरूरत है?

कितना कारगर है वायरलेस चार्जिंग?
इलेक्ट्रॉनिक कंपनी मोफी ( Mophie) के वाइस प्रसिडेंट चार्ली क्वॉन्ग का कहना है कि वायरलेस चार्जर लोग आमतौर पर वहां रखते हैं जहां सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। उदाहरण के तौर पर अधिकतर लोग बेडरूम, कार और ऑफिस में सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। ऐसे में लोग इन्हीं जगहों पर अपना वायरलेस चार्जर रखते हैं ताकि आसानी से बिना प्लग में लगाए फोन को चार्ज किया जा सके। चार्ली के मुताबिक वे एक लंबे वक्त से वायरलेस चार्जर का इंतजार कर रहे था ताकि बिना प्लग में चार्जर लगाए फोन को चार्ज कर सकें।

बेडरूम में वायरलेस चार्जर
बेडरूम की बात करें तो यहां आप दो तरह के वायरलेस चार्जर रख सकते हैं। पहला पैड और दूसरा स्टैंड। पैड वायरलेस चार्जर एक डिस्क टाइप का होता है जिसपर आप अपने स्मार्टफोन या वायरलेस सपोर्ट वाली स्मार्टवॉच रखकर चार्ज कर सकते हैं। वहीं स्टैंड चार्जर की बात करें तो यह चार्जर आपके फोन को सीधा रखता है। ऐसे में चार्जिंग के दौरान फोन की स्क्रीन आपकी ओर होती है। वैसे देखा जाए तो स्टैंड वायरलेस चार्जर सुविधाजनक है। दूसरा फायदा यह है कि फोन को चार्जिंग के दौरान ही अलार्म घड़ी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं पैड चार्जर के साथ ऐसा नहीं है, क्योंकि फोन का अलार्म बंद करने के लिए भी आपको उसे चार्जिंग पैड से हटाना होगा।