ऑनलाइन शॉपिंग: बड़े धोखे हैं इस राह में, नए-नए तरीके से हर दिन हो रही ठगी, आप ऐसे बचें

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Sun, 14 Apr 2019 10:03 AM IST
Online frauds in India: How to be safe during online shopping and transactions
online shopping

    ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ठगी करने वाले नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। ठगी से बचने के लिए हमें तकनीक के सभी पहलुओं की पर्याप्त समझ होना जरूरी है। ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ठगों ने भी ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक ट्रांजेक्शन से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह अड्डा जमा लिया है। इधर आपका इंटरनेट शुरू होता है, दूसरे छोर पर ठगी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इस दौरान छोटी से छोटी चूक की कीमत लाखों में चुकानी पड़ सकती है। वहीं, थोड़ी-सी सूझ-बूझ से ऐसी किसी भी धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

    fake url
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    फेक यूआरएल (नकली वेबसाइट)

    टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ रखने वाले ठग कई बार एक जैसे दिखने वाले लोगो और डोमेन नेम के साथ नकली साइट बना लेते हैं, जो बिल्कुल असली जैसी दिखती है। इसे ओपन करने पर यह बिल्कुल असली साइट के जैसी ही दिखती है। हालांकि, असली साइट से इसका कुछ भी लेना-देना नहीं होता है। इन साइट्स पर काफी कम कीमत में सामान दिखाया जाता है, जिससे प्रभावित होकर ग्राहक उस वेबसाइट से सामान खरीद लेते हैं। ग्राहकों से पेमेंट लेने के बाद ये लिंक डिएक्टिवेट हो जाते हैं। यदि आप ई-शॉपिंग या बिल पेमेंट के दौरान सेफ वेबसाइट या पेमेंट चैनल नहीं चुनते हैं, तो ठग आपकी कार्ड संबंधी जानकारी चुरा सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए उपयोग किए गए आपके बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर आदि को ठगी करने वाले चुरा सकते हैं। साथ ही, आपके कंप्यूटर में वायरस भी डाल सकते हैं। यदि आप कोई नई वेबसाइट को ट्राई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उसका डोमेन नेम जरूर चेक करें। देखें कि यूआरएल में https हो न कि http, फिर वेबसाइट की स्पेलिंग भी देखें। यह जानने के लिए यह डोमेन किसके नाम पर है, आप registry.in/WHOIS पर जाकर चेक करें। यदि वेबसाइट पर कोई कॉन्टैक्ट डिटेल्स नजर न आए या फिर रिटर्न पॉलिसी सही नजर न आए, तो ऐसी वेबसाइट को छोड़ देना ही बेहतर होगा।

    fake paytm app
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    क्लोन एप

    गूगल प्ले स्टोर पर एप लॉन्च करना बेहद ही आसान है। इसका फायदा उठाकर ठगी करने वाले ई-कॉमर्स वेबसाइट्स के एप का क्लोन बनाकर उसे गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड कर देते हैं। जब लोग गूगल प्ले स्टोर पर किसी एप को सर्च करते हैं, तो कई बार आप क्लोन एप को ही असली एप समझकर डाउनलोड कर लेते हैं और उनके जरिए ही ऑनलाइन खरीदारी करने लगते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए आपको चाहिए कि जिस भी ई-कॉमर्स साइट का एप डाउनलोड करना चाहते हैं, उसे उसकी वेबसाइट पर दिए गए एप डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। यह लिंक उपभोक्ता को गूगल प्ले स्टोर पर रीडायरेक्ट कर देता है, जहां से ऑफिशियल एप डाउनलोड किया जा सकता है।

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