इन तकनीकों के सहारे दुनियाभर के देश कर रहे हैं कोरोना वायरस को खत्म करने की कोशिश

अजय वर्मा
टेक डेस्क, अमर उजालाअजय वर्मा
Fri, 22 May 2020 06:07 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

    कोरोना वायरस इस समय दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इस वायरस की वजह से हजारों लोगों की मृत्यू हो गई हैं, तो दूसरी तरफ लाखों लोग इसे संक्रमित हैं। ऐसे में इस महामारी को रोकने के लिए दुनियाभर की सरकारों ने कड़े कदम उठाएं हैं। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां तक शामिल हैं। इसके अलावा सरकारों ने इस वायरस पर लगाम लगाने के लिए अलग-अलग तरह की तकनीक का सहारा लिया है, जिनसे उन्हें काफी हद तक कामयाबी मिली है। तो आज हम आपको ऐसी खास तकनीक के बारे में बताएंगे, जिनके उपयोग से इस खतरनाक वायरस को रोका जा रहा है। आइए डालते हैं इन तकनीक पर एक नजर...

    Artificial Intelligence
    Artificial Intelligence

    Artificial Intelligence तकनीक का हुआ उपयोग

    कोरोना वायरस को रोकने के लिए दुनिया के अधिकतर देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि इस तकनीक से संक्रमितों को ट्रैक करना काफी आसान होगा गया है। वहीं, अब फ्रांस की तरह भारत भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विलांस के जरिए लोगों की निगरानी कर रहा है। फिलहाल, इस तकनीक का उपयोग तेलंगाना में हो रहा है। उम्मीद की जा रही हैं कि आने वाले समय में देश के बड़े शहरों के साथ-साथ मेट्रो में भी इसका इस्तेमाल होगा।

    smartphone
    smartphone - फोटो : pexels

    मोबाइल कॉटैक्ट ट्रेसिंग तकनीक का हो रहा है उपयोग

    पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस से निपटने के लिए अलग-अलग तरह की तकनीक का उपयोग कर रही हैं। इनमें से एक है मोबाइल कॉटैक्ट ट्रेसिंग तकनीक। दुनियाभर के देश इस तकनीक के जरिए संक्रमितों की पहचान करने के साथ वायरस की जानकारी भी दे रहे हैं। अब इससे सरकारों का काम आसान हो गया है। वहीं, यह तकनीक जीपीएस की बजाय ब्लूटूथ पर काम करती है। वजह यह है कि इससे डिवाइस की बैटर पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है। जीपीएस अक्सर बहुमंजिला इमारतों में सही तरह से काम नहीं करता है। आपको बता दें कि हाल ही में एपल और गूगल ने एक्सपोजर नोटिफिकेशन एपीआई कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग को लॉन्च किया था। इस तकनीक के जरिए अब एंड्रॉयड और आईफोन यूजर्स आसानी से कोरोना संक्रमितों की पहचान कर सकेंगे। इसके अलावा दोनों डिवाइस के यूजर्स को कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने पर नोटिफिकेशन भी मिलेगी।

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