BitChat पर सरकार की सख्ती के बीच बड़ा अपडेट: अब बिना इंटरनेट, Play Store और GitHub के भी इंस्टॉल होगी एप
BitChat एप को लेकर विवाद के बीच बड़ा बदलाव हुआ है। अब Android यूजर इसे बिना इंटरनेट, Google Play Store या GitHub के भी एक फोन से दूसरे फोन में इंस्टॉल कर सकेंगे। जानिए यह फीचर कैसे काम करता है और सरकार को इससे क्यों है चिंता।

ऑफलाइन मैसेजिंग एप BitChat एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह इसका नया फीचर है, जिसके जरिए एंड्रॉयड यूजर बिना इंटरनेट, गूगल प्लेस्टोर या GitHub की मदद लिए सीधे दूसरे फोन में एप इंस्टॉल कर सकेंगे। यह अपडेट ऐसे समय आया है, जब भारत सरकार इस एप को लेकर चिंता जता चुकी है और इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग भी कर चुकी है।
क्या है नया फीचर?
ट्विटर (अब X) के को-फाउंडर जैक डोर्सी की ओर से विकसित BitChat एप में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया ऑफलाइन शेयरिंग फीचर जोड़ा गया है। कंपनी ने X पर जानकारी दी कि अब जिस फोन में BitChat पहले से इंस्टॉल है, वह दूसरे एंड्रॉयड फोन में एप की इंस्टॉलेशन फाइल सीधे भेज सकेगा। इस प्रक्रिया में न इंटरनेट की जरूरत होगी, न गूगल प्लेस्टोर की और न ही GitHub से डाउनलोड करना पड़ेगा।

अब ऐसे होगी एप की इंस्टॉलेशन
पहले BitChat इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को GitHub या किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से APK फाइल डाउनलोड करनी पड़ती थी। नए अपडेट के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। अब BitChat इंस्टॉल करने वाला यूजर ब्लूटूथ या Wi-Fi के जरिए दूसरे एंड्रॉयड फोन में एप की APK फाइल भेज सकता है। फाइल मिलने के बाद सामने वाला यूजर बिना इंटरनेट के सीधे एप इंस्टॉल कर सकेगा। फिलहाल यह सुविधा केवल एंड्रॉयड डिवाइस के लिए उपलब्ध कराई गई है।

प्रतिबंध लगने पर भी चलता रहेगा एप
BitChat टीम का कहना है कि अब एप खुद को दूसरे एंड्रॉयड फोन में भेज सकती है। इसका मतलब यह है कि यदि भविष्य में एप को GitHub या Google Play Store से हटा भी दिया जाता है, तब भी जिन यूजर्स के फोन में यह पहले से मौजूद होगी, वे इसे दूसरे लोगों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो BitChat इंस्टॉल किया हुआ हर Android फोन इस एप के वितरण का माध्यम बन सकता है।
भारत सरकार ने क्यों जताई चिंता?
हाल ही में भारत सरकार ने BitChat को GitHub से हटाने की मांग की थी। सरकार का कहना था कि इस तरह की ऑफलाइन मैसेजिंग एप का इस्तेमाल आपराधिक या असामाजिक गतिविधियों में किया जा सकता है, जिससे जांच एजेंसियों के काम में बाधा आ सकती है।
यह एप उस समय सुर्खियों में आई थी, जब नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जेन-जी युवाओं द्वारा इसका इस्तेमाल किए जाने की खबर सामने आई थी।
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