Coronavirus: काम करने के लिए दफ्तर कितने हैं सुरक्षित?

अजय वर्मा
बीबीसी हिन्दी, अमर उजालाअजय वर्मा
Wed, 27 May 2020 04:41 PM IST
Are the offices really safe to work during coronavirus all you need to know here
office - फोटो : pixabay

    दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन में अब ढील दी जाने लगी है. धीरे-धीरे दफ़्तर भी खुलने लगे हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक डर ज़रूर है कि क्या उनका ऑफ़िस जाना अभी सुरक्षित है। तमाम पुराने तौर-तरीकों के साथ ही अब एंप्लॉयीज को मॉनिटर करने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में और इज़ाफ़ा होने जा रहा है। अब बिल्डिंग में एंट्री करते वक्त आपका तापमान लेने के लिए थर्मल कैमरे होंगे। साथ ही ऐसे कई ऐप्स या वियरेबल्स भी इस्तेमाल हो सकते हैं जो कि आपके किसी सहयोगी के ज्यादा क़रीब जाने पर आपको अलर्ट कर देंगे। दफ्तर जल्द ही आपको माइनॉरिटी रिपोर्ट मूवी का अहसास दिलाने वाले हो सकते हैं।

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    office - फोटो : pixabay

    कुछ साल पहले एम्सटर्डम की द एज बिल्डिंग को दुनिया की सबसे स्मार्ट और सस्टेनेबल यानी स्थायित्व भरी बिल्डिंग के तौर पर सबसे ज्यादा वोट मिले थे। अब सेंसरों के भरे दफ्तरों वाली यह बिल्डिंग एक तेजी से फैलने वाले वायरस के साथ जीने की नई सच्चाई के साथ खुद को ढालने की कोशिश कर रही है। इस बिल्डिंग को बनाने वाली रियल एस्टेट फर्म के फाउंडर कोएन वैन ऊस्ट्रॉम ने बीबीसी को बताया कि कुछ तो ऐसे बदलाव हैं जिन्हें तत्काल लागू किया जा सकता है।

    प्रतीकात्मक तस्वीर
    प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

    एयर क्वालिटी

    वह कहते हैं, 'दरवाजे फिलहाल हाथ से खोले जा सकते हैं, लेकिन वॉयस कंट्रोल या ऐप के जरिए इन्हें खोलना एक मामूली कदम होगा। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वायरस इस तरह से न फैल पाए। वह कहते हैं, 'हमारे पास कैमरे हैं जिनसे पता चल सकता है कि कितने लोग फ्लोर पर हैं और सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए यह भी पता चल सकता है कि लोग एक-दूसरे से कितनी दूर खड़े हैं। अगर लोग एक-दूसरे के ज्यादा करीब आते हैं तो हम उन्हें फोन पर चेतावनी भी भेज सकते हैं। ऊस्ट्रॉम बताते हैं, 'सभी को यह चीज पसंद नहीं आएगी और कई लोग इसे उनकी निजता में दखल मान सकते हैं, ऐसे में हमने अभी इसके इस्तेमाल का फैसला नहीं किया है।'

    दूसरी ज्यादातर बिल्डिंगों के उलट द एज पहले ही कर्मचारियों को एक फोन ऐप दे रही है जिसके जरिए वे यह जान सकते हैं कि ऑफ़िस का तापमान क्या है और एयर क्वालिटी कैसी है। साथ ही उन्हें दफ्तर की कैंटीन से लंच ऑर्डर करने की भी आजादी दी जा रही है। इससे पहले एयर क्वालिटी पर किसी का फोकस नहीं था। ऊस्ट्रॉम कहते हैं कि अब यह माना जा रहा है कि अगर ताजी हवा पर्याप्त मात्रा में नहीं होगी तो वायरस फैल सकता है और इस वजह से लोग अब इसे नोटिस कर रहे हैं।

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