तंत्र-मंत्र और काला जादू का चलन सदियों से चलता आ रहा है। अक्सर इसके सदुपयोग से ज्यादा दुरुपयोग की बात सामने आती रही है। अमूमन काला जादू या तंत्र- टोटके का प्रयोग अपने दुश्मन पर विजय पाने के लिए करते हैं। साथ ही किसी को अपने वश में करने के लिए भी तंत्र-मंत्र का सहारा लिया जाता रहा है। किसी पर काला जादू या टोने-टोटके का प्रयोग किया गया है या नहीं इसे कुछ संकेतो से मालूम किया जा सकता है। शकुन शास्त्र में इन संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
जिस किसी व्यक्ति पर टोने-टोटके या काला जादू किया गया होगा, उस व्यक्ति का स्वयं पर काबू नहीं रह जाता। ऐसा व्यक्ति अजीब सी हरकतें करने लगता है।
जब कोई व्यक्ति बिना कारण से अचानक बीमार रहने लगे तो समझिए उस व्यक्ति पर काले जादू का असर हो सकता है।
घर पर लगी तुलसी का पौधा अचानक सूखने लग जाए या घर के आंगन में कोई मृत पक्षी आकर गिर जाए तो यह संकेत अशुभ माने जाते हैं। इसे भी काले जादू का असर कहा जाता है।
व्यक्ति के स्वभाव में अचानक ही परिवर्तन होने लगे और हर कार्य में वह खुद को सही बताने लगे तो समझे कि उस व्यक्ति पर काले जादू का असर हुआ है।