श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी में एसआईटी की जांच और पूछताछ को लेकर कई अहम दावे दर्ज हैं। डायरी के अनुसार, एसआईटी ने पूछताछ के दौरान गोपाल राव से भी अलग से बातचीत की थी।
इसमें दावा किया गया है कि प्रारंभ में गोपाल राव ने कुछ आनाकानी की, लेकिन कठोरता से व्यवहार किए जाने के बाद उन्होंने एसआईटी को कुछ जानकारी दी। हालांकि, गोपाल राव ने एसआईटी को आखिर क्या बताया, इसकी जानकारी चंपत राय को नहीं थी। डायरी में उन्होंने स्वयं लिखा कि क्या बताया, भगवान जाने।
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गोपाल राव।
- फोटो : amar ujala
चंपत राय ने इस सूचना की सत्यता पर भी सवाल छोड़ा है। उन्होंने डायरी में लिखा कि हो सकता है गोपाल राव के बारे में उन्हें दी गई सूचना गलत हो। यानी डायरी में दर्ज यह बात चंपत राय के प्रत्यक्ष अनुभव के बजाय उन्हें मिली सूचना के रूप में दर्ज है।
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गोपाल राव।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
डायरी के मुताबिक, 16 जून से 16 जुलाई के बीच एसआईटी तीन बार अयोध्या आई। इससे पहले 15 जून को चंपत राय से अकेले में करीब चार-पांच घंटे बातचीत हुई थी। इसके बाद 16 जून से 16 जुलाई के बीच एसआईटी ने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र से सामूहिक रूप से वार्ता की। एक वार्ता में गोपाल राव के भी मौजूद रहने का उल्लेख है।
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चंपत राय।
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव से अलग-अलग भी बातचीत की। चंपत राय ने डायरी में लिखा है कि उनके अनुमान के मुताबिक, एसआईटी ने करीब 50 से 60 लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान एसआईटी ने जिन दस्तावेजों और कागजात की मांग की, उन्हें उपलब्ध कराया गया और पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए।
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चंपत राय
- फोटो : amar ujala
डायरी में एसआईटी के साथ पत्राचार का भी उल्लेख है। छह जुलाई को चंपत राय ने एसआईटी को पत्र भेजा। उन्हें आशंका थी कि बातचीत के दौरान मौखिक रूप से बताई गई कोई महत्वपूर्ण बात जांच टीम से छूट या भूल न गई हो।