Gud Ke Fayde: देश में शक्कर की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। खुदरा बाजार में दाम बढ़कर लगभग 55 रुपये से 65 रुपये किलोग्राम चीनी का भाव पहुंच गया है। त्योहार के ठीक पहले चीनी की कीमतों में आई अचानक उछाल से कई घर कुछ हद तक प्रभावित होंगे। हालांकि त्योहार की मिठास में कमी की संभावना नहीं है, क्योंकि शक्कर की कीमत बढ़ने पर रोजमर्रा की मिठास के लिए गुड़ को बेहतर विकल्प मान सकते हैं।
Sugar vs Jaggery: शक्कर महंगी लेकिन गुड़ हो सकता है रिप्लेसमेंट, जानिए 10 फायदे
Sugar Prices Rising : गुड़ भी शर्करा का स्रोत है, इसलिए इसे चीनी की तरह सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। खासकर डायबिटीज या ब्लड-शुगर की समस्या वाले लोगों को इसे शुगर-फ्री विकल्प नहीं समझना चाहिए।
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गुड़ खाने के क्या फायदे हो सकते हैं?
1. पाचन में मदद
- भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ लेना पारंपरिक रूप से पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- आयुर्वेद और भारतीय परंपरा में इसे पाचन सुधारने का एक असरदार तरीका माना गया है।
- यह पेट की सेहत को ठीक रखता है और शरीर को ऊर्जा देता है।
2. कुछ मिनरल्स का स्रोत
- गुड़ में आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज थोड़ी मात्रा में मिल सकते हैं।
- सफेद चीनी के बजाय, गुड़ गन्ने के रस के प्राकृतिक पोषक तत्वों को सुरक्षित रखता है।
3. तुरंत ऊर्जा
- इसमें शर्करा अधिक होती है, इसलिए यह शरीर को जल्दी ऊर्जा प्रदान कर सकता है।
- इससे थकान और कमजोरी दूर होती है।
4. आयरन की थोड़ी मात्रा
- गुड़ में आयरन मौजूद हो सकता है।
- यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने और एनीमिया (खून की कमी) से लड़ने में मदद करता है।
- लेकिन अकेले गुड़ से पूरी तरह एनीमिया ठीक नहीं हो सकता।
5. रिफाइंड चीनी का विकल्प
- गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है।
- इसमें चीनी की तुलना में कुछ अतिरिक्त पोषक तत्व रह सकते हैं।
6. सर्दियों में लोकप्रिय
- ठंड के मौसम में गुड़ का सेवन भारतीय खान-पान में लंबे समय से किया जाता है।
- इसकी तासीर गर्म होती है, जिससे ठंड मे शरीर का तापमान बना रहता है।
- गुड़ का इस्तेमाल मिठाई, चाय, लड्डू और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है।
- चीनी की तुलना में गुड़ में प्राकृतिक रूप से कैमेल महक और स्वाद होता है।
8. एंटीऑक्सीडेंट यौगिक हो सकते हैं
- गुड़ में कुछ पौधों से प्राप्त यौगिक मौजूद हो सकते हैं।
- आयुर्वेद के अनुसार, प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट यौगिक, सेलेनियम और जिंक शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों से बचाते हैं।
9. मीठे की इच्छा पूरी कर सकता है
सीमित मात्रा में गुड़ लेने से मीठा खाने की इच्छा पूरी हो सकती है।
10. पारंपरिक भारतीय आहार का हिस्सा
- गुड़ कई क्षेत्रीय व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक स्वीटनर है।
- आयुर्वेद में गुड़ को औषधीय और ऊर्जावान आहार माना जाता है।
कितना गुड़ खाना चाहिए?
- कुल आहार, उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार जरूरत अलग हो सकती है।
- पूरे दिन में मिलने वाली कुल फ्री शुगर को सीमित रखा जाए।
- WHO ने फ्री शुगर को कुल ऊर्जा सेवन के 10% से कम रखने की सिफारिश की है और 5% से नीचे जाने पर अतिरिक्त लाभ की बात कही है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
- डायबिटीज, ब्लड शुगर की समस्या या किसी अन्य मेटाबॉलिक स्थिति वाले लोगों को गुड़ को शुगर-फ्री विकल्प समझकर अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए।
- ऐसे मामलों में व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।