सिनेमा और टेलीविजन से निकलकर मनोरंजन की दुनिया अब मोबाइल पर आ गई है। यूट्यूब पर एक करोड़ प्रशंसकों का साल भर पहले ही रिकॉर्ड बना चुके भुवनेश्वर बाम यानी भुवन बाम को इस साल का ग्लोबल एंटरटेनर अवार्ड भी मिल चुका है। भुवन बाम से अमर उजाला की एक खास मुलाकात
टीवी न्यूज से इतना खफा क्यों रहते हैं भुवन बाम, EXCLUSIVE इंटरव्यू में किए कई खुलासे
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कम लोगों को ही पता है कि आप गायक भी हैं। परदे पर बिना दिखे तो रामसुख दास जी प्रवचन किया करते थे, आपने गाना शुरू कर दिया, कैसे?
संगीत मुझे प्राकृतिक रूप से आता है, उसे सोच समझकर नहीं बनाता। ज्यादातर मैं उसे रिकॉर्ड भी नहीं करता। मैं इंस्टाग्राम पर स्क्रीन ब्लैक कर काफी देर तक लाइव किया करता था। काफी देर तक लोग मुझे सुनते भी रहते थे। फिर मैने तेरी मेरी कहानी लॉन्च किया, जिसके बाद अब कई और गाने भी आ गए हैं। अब तो कई लाइव शोज भी कर चुका हूं। सच कहूं तो मेरी शुरुआत संगीत से ही हुई है।
इतनी शोहरत के बाद अब किस तरह का दबाव रहता है?
दबाव तो रहता ही है पर इस बात का नहीं कि कैसे ये जगह संभालू बल्कि इसका कि कैसे इसे और ज्यादा बेहतर कर सकता हूं। दबाव इसका है कि शुरुआत तो कर दी है पर अब ये एक जिम्मेदारी भी है, इस जिम्मेदारी को कैसे संभालू। कई बार मैं अपने वीडियोज पर खुद शक करने लगता हूं कि लोगों को पसंद आएगा या नहीं।
ये सब करने की प्रेरणा किससे मिली?
मैने बड़े होते हुए कादर खान और जॉनी लीवर की कई फिल्में देखी हैं। जॉनी लीवर और गोविंदा की जोड़ी तब सबसे हिट थी। फिल्मों में भी और कॉमेडी में भी। मैने कभी किसी स्टैंडअप आर्टिस्ट को फॉलो नहीं किया। मेरा कॉमेडी का ज्ञान गोविंदा, कादर खान और जॉनी लीवर से ही आया है।
दिल्ली ने आपको यहां तक लाने में कितनी मदद की?
मेरी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। मेट्रो में खूब घूमा हूं और उसी मेट्रो में घूम घूम कर कई कहानियां निकाली हैं। मेरे ज्यादातर किरदार दिल्ली से ही हैं। वहीं मेरा पहला किरदार बेंचो बना, अगर दिल्ली नहीं रहा होता तो शायद वह किरदार कभी बना ही नहीं होता।
टीवी न्यूज से इतना खफा क्यों रहते हैं आप?
अभी मैं टीवी पर एक न्यूज चैनल देख रहा था। खबर चल रही थी कि कहीं चोरी हुई है। वहां जो रिपोर्टर था उसने उन्हीं चोरों के सामने जो काला कपड़ा मुंह पर पहने खड़े हैं, 10 मिनट का मोनोलॉग दिया। वह खबर नहीं कॉमेडी है। टीवी न्यूज अब न्यूज नहीं रही। वह महज एक ड्रामा है। न्यूज चैनल दर्शकों को अपनी ओर खींचने के लिए खबर को और मसालेदार देते हैं। मुझे लगता है अब टीवी न्यूज और कॉमेडी में कोई खास अंतर नहीं रह गया है।
आपने हाल ही में पानी की समस्या पर एक वीडियो बनाया, आप इस समस्या के लिए कितना जागरूक हैं?
नहाते समय, ब्रश करते समय या शेविंग करते समय पानी का दुरुपयोग करते हैं। इसी तरह इस समस्या पर विचार आया और मैंने ये वीडियो बनाया था। लोगों को अपने ही भविष्य की चिंता नहीं है। लोग लाख समझाने पर भी सुनने को तैयार नहीं होते कि हमें धरती को खूबसूरत बनाए रखना है तो हमें ही बदलना होगा। मैं अपने हिस्से की कोशिश आगे भी करता रहूंगा। शायद कहीं न कहीं तो असर होगा ही।