गोरखपुर चिड़ियाघर के उद्धाटन के 7 माह बाद शुरू हुआ 7डी थिएटर, सात दिन बाद ही खराबी की वजह से बंद कर दिया गया। पिछले सात दिनों से थिएटर बंद पड़ा है। सात के अंकों (सेवन फैक्टर) की साढ़ेसाती चिड़ियाघर का पीछा नहीं छोड़ रही है। यह अजीब संयोग है कि प्राणी उद्यान के सात बाड़े अभी खाली हैं।
2.23 करोड़ की लागत से सात माह बाद शुरू हुए 7डी थिएटर से सात दिन में एक लाख रुपये तक कमाई नहीं हो सकी है। सात दिन से 7डी थिएटर के लिए चिड़ियाघर आ रहे दर्शकों को निराश लौटना पड़ रहा है। दीपावली त्योहार की छुट्टियों में उम्मीद है कि बड़ी संख्या में दर्शक चिड़ियाघर घूमने आएंगे, वे 7डी थिएटर का लुत्फ नहीं ले सकेंगे।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर चिड़ियाघर देश का इकलौता ऐसा चिड़ियाघर है, जिसके पास 7डी थिएटर हैं। उद्धाटन के साथ ही मार्च में 7डी थिएटर का भी शुभारंभ होना था, लेकिन कुछ तकनीकी पेंच के चलते नहीं हो सका। इसका शुभारंभ बीते 19 अक्तूबर से हुआ। 26 अक्तूबर को दूसरा शो भी तकनीकी खराबी के चलते ढंग से नहीं चल सका।
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गोरखपुर चिड़ियाघर
- फोटो : अमर उजाला।
यहां तक कि तीसरे शो के लिए दर्शकों से लिए गए रुपये, चिड़ियाघर प्रशासन को लौटाने पड़े। सात दिन में 7डी थिएटर के लिए कुल 714 टिकटों की बिक्री हुई थी। रेंजर सुनील राव ने बताया कि तकनीकी खामी की वजह से 7डी थिएटर बंद है।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
काफी प्रयास के बाद टेंडर हुआ था तय
चिड़ियाघर के 7डी के टेंडर को लेकर काफी विलंब हुआ था। इसमें कुछ न कुछ खामी की वजह से बार बार इसे कैंसिल कर दिया जा रहा था। कुछ लोगों ने इसके संचालन और निविदा में प्रबंधन द्वारा शर्तों की पूरी जानकारी नहीं देने की शिकायत भी लखनऊ तक आलाधिकारियों से की थी। अब जब इसे शुरू करवा दिया गया तो इसका संचालन एक बार फिर तकनीकी खामी की वजह से बंद हो गया।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
3डी थिएटर में हैं ये 7 इफेक्ट
मूवी देखने के लिए 3डी मूवी के साथ 7 विशेष इफेक्ट डाले गए थे। इसमें मूवी देखते समय दर्शकों को समय-समय पर बारिश, बिजली, खुशबू, बर्फ, हवा सहित सात विशेष प्रभाव का सीन के साथ आभास होता।