गोरखपुर वैक्सीन की कमी ने मंगलवार को कोविड टीकाकरण पर ब्रेक लगा दिया। तारामंडल, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, झरना टोला जैसे केंद्रों पर सुबह वैक्सीन नहीं पहुंच सकी। इस कारण सैकड़ों लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। केवल 51 बूथों पर ही टीका लगाया गया। इनमें से भी कई बूथों पर दोपहर बाद वैक्सीन खत्म हो गई। इसके बाद घंटों लाइन में लगकर परेशान लोगों ने विरोध भी जताया। उनका कहना था कि यदि टीका कम था तो पहले ही बता दिया जाता है। इतनी देर तक लाइन में क्यों लगवाया गया?
कोरोना पर वार से पहले हाहाकार: गोरखपुर में कई बूथों पर नहीं पहुंची वैक्सीन, निराश लौटे लोग
युवतियां स्लॉट बुक कराकर टीका लगवाने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें भी करीब चार घंटे तक लाइन में लगने के बाद टीका लगाया गया। इसका विरोध करने पर युवतियों को महिलाओं से बहस हो गई। संक्रामक रोग अस्पताल भी लोगों के बीच जमकर कहासुनी हुई। कई बार नौबत मारपीट तक पहुंच गई। इस तरह वैक्सीन की कमी और अव्यवस्था के कारण लोगों को टीका लगवाने में पसीने छूट रहे हैं। इसके बावजूद सैकड़ों लोगों को हर रोज बिना टीका लगवाए वापस जाना पड़ रहा है। मंगलवार को 6408 लोगों को टीका लगाया गया। इसमें 4493 को पहली और 1915 को दूसरी डोज लगाई गई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने कहा वैक्सीन की कमी के कारण कम बूथ बनाए गए थे। मंगलवार को कोविशील्ड के 20 हजार डोज मिले हैं। इसके बाद से विभाग के पास 28 हजार के आसपास कोविशील्ड और कोवैक्सीन के डोज उपलब्ध हैं। बुधवार को बड़े स्तर पर टीकाकरण होगा।
महराजगंज की रहने वाली प्रीति (23) शहर के बिलंदपुर कॉलोनी में रहती हैं। मंगलवार को वह टीका लगवाने के लिए महिला अस्पताल पहुंची थीं। प्रीति सुबह 11 बजे के करीब लाइन में लगी थीं। करीब तीन घंटे लाइन में लगने के बाद वह अचानक बेहोश हो गईं। इससे स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने किसी तरह प्रीति को होश में लाया। इसके बाद प्रीति को टीका लगाया गया। बताया जाता है कि उमस भरी गर्मी की वजह से प्रीति को चक्कर आ गया था।
कोरोना संक्रमण के नमूनों की जांच में मंगलवार को 24 घंटे में दो कोरोना मरीज मिले हैं। जबकि तीन लोगों ने कोरोना को मात दी है। 10 जुलाई के बाद से कोई मौत नहीं हुई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि जिले में अब तक 59358 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 58479 लोगों ने कोरोना को हरा दिया है। 847 की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस 27 रह गए हैं।