अपने गीत से बीजेपी की 'नींद' उड़ाने वाले दिल्ली के इस गायक पर अब पुलिस सख्त हो गई है। पुलिस वीडियो फोरेंसिक जांच तक कराने जा रही है। सियासी गलियारों में गूंज रहे गीत ‘झांपू...’ की सीडी जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक लैब (सीएफएल) चंडीगढ़ भेजी जाएगी।
मामले में तहरीर मिलने के बाद बुधवार को जांच नेहरू कॉलोनी पुलिस ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को भेज दी है। हालांकि इस प्रकरण में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सीडी की जांच कराकर पुलिस क्या साबित कर लेगी ?
बता दें कि शहर के एक ट्रांसपोर्टर अनिल पांडेय ने मंगलवार को नेहरू कॉलोनी थाने में 15 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। इनमें वीडियो निर्माता दीपक नेगी, गायक पवन सेमवाल, वीडियो प्रमोटर रोशन रतूड़ी आदि शामिल हैं। अनिल पांडेय का कहना है कि उनका भाजपा या संगठन से कोई लेना देना नहीं है।
मगर वे इस बात से आहत हैं कि इस गीत से मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी राजेश साह ने बताया कि पांडेय ने उन्हें इस गीत की एक वीडियो सीडी भी उपलब्ध कराई थी। इसे जांच के लिए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन भेजा गया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन प्रभारी इंस्पेक्टर भारत सिंह नेगी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
शुरूआत में यह जान लेना बहुत जरूरी है कि पुलिस को उपलब्ध कराई गई सीडी असली है या इसमें कोई छेड़छाड़ की गई है। ऐसे में इस सीडी को जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक लैब चंडीगढ़ भेजा जाएगा। इसका कारण है कि उत्तराखंड की फोरेंसिक लैब में अभी ऑडियो वीडियो लैब नहीं स्थापित हुई है।