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Indore Weather News: ठंड में मिली राहत, पारा उछला, धूप ने ठंडी हवाओं का प्रकोप कम किया
Sun, 07 Dec 2025 10:01 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 07 Dec 2025 10:01 PM IST
Indore Weather News: मध्यप्रदेश में उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है, जिसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना का प्रभाव है।
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दिन की थूप में ठंडी हवाएं सता रही हैं। फोटो- जयेश मालवीय
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
सर्द हवाओं के चलते इंदौर समेत पूरे मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन कई जिलों में कड़ी ठंड का अलर्ट जारी किया है। हालांकि इंदौर में रविवार को दिन में कुछ राहत जरूर मिली और अधिकतम पारा 27 डिग्री रहा। तेज धूप की वजह से दो दिन से चल रही ठंडी हवाओं की चुभन भी कम लगी। वहीं शनिवार - रविवार रात के पारे में भी उछाल देखा गया और 2.2 डिग्री के उछाल के साथ पारा 8.4 पर आ गया।
इंदौर में 10 साल का रिकार्ड टूटा
इससे पहले शुक्रवार और शनिवार की रात प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया, जहां राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कुल 26 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इंदौर में तो शुक्रवार और शनिवार की रात में पारा 6.2 डिग्री तक चला गया था, यह पिछले 10 साल में दिसंबर का सबसे कम तापमान है। करीब 14 दिनों के अंतराल के बाद प्रदेश में एक बार फिर शीतलहर और कोल्ड डे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में चल रही ठंड का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस है। इसके चलते पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हुई है। वहां से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश का रुख किया है। पिछले 24 घंटों में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर और शहडोल में शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि इंदौर, सिवनी और बैतूल में दिन काफी ठंडा रहा।
ला नीना बढ़ा रहा सर्दी
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्व निदेशक के अनुसार इस बार वैश्विक मौसम मॉडल पहले से ही ला नीना के सक्रिय होने का संकेत दे रहे थे। ला नीना की स्थिति में प्रशांत महासागर ठंडा हो जाता है, जिससे हवाएं और अधिक ठंडी होकर एशिया और भारत की तरफ दबाव के साथ आती हैं। यही कारण है कि नवंबर माह से ही मध्य भारत में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना
इस वर्ष उत्तर भारत के पहाड़ों पर सामान्य समय से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे मैदानी इलाकों में ठंडक 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने से हल्की बारिश या मावठा गिरने की संभावना भी बन रही है। बारिश होने पर तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की और गिरावट आ सकती है, जिससे इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे शहरों में दिन में भी कड़ाके की सर्दी पड़ेगी।
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इंदौर में 10 साल का रिकार्ड टूटा
इससे पहले शुक्रवार और शनिवार की रात प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया, जहां राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कुल 26 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इंदौर में तो शुक्रवार और शनिवार की रात में पारा 6.2 डिग्री तक चला गया था, यह पिछले 10 साल में दिसंबर का सबसे कम तापमान है। करीब 14 दिनों के अंतराल के बाद प्रदेश में एक बार फिर शीतलहर और कोल्ड डे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए अगले दो दिनों तक शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में चल रही ठंड का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टरबेंस है। इसके चलते पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हुई है। वहां से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश का रुख किया है। पिछले 24 घंटों में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर और शहडोल में शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि इंदौर, सिवनी और बैतूल में दिन काफी ठंडा रहा।
ला नीना बढ़ा रहा सर्दी
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्व निदेशक के अनुसार इस बार वैश्विक मौसम मॉडल पहले से ही ला नीना के सक्रिय होने का संकेत दे रहे थे। ला नीना की स्थिति में प्रशांत महासागर ठंडा हो जाता है, जिससे हवाएं और अधिक ठंडी होकर एशिया और भारत की तरफ दबाव के साथ आती हैं। यही कारण है कि नवंबर माह से ही मध्य भारत में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना
इस वर्ष उत्तर भारत के पहाड़ों पर सामान्य समय से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिससे मैदानी इलाकों में ठंडक 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने से हल्की बारिश या मावठा गिरने की संभावना भी बन रही है। बारिश होने पर तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की और गिरावट आ सकती है, जिससे इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे शहरों में दिन में भी कड़ाके की सर्दी पड़ेगी।
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